रमजान के दौरान चंदा संग्रह संबंधी डीसी का आदेश, धर्मगुरुओं से परामर्श के बाद आया: उमर

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रमजान के दौरान चंदा संग्रह संबंधी डीसी का आदेश, धर्मगुरुओं से परामर्श के बाद आया: उमर

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 04:12 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 04:12 PM IST

जम्मू, 20 फरवरी (भाषा) रमजान के दौरान चंदा संग्रह को विनियमित करने संबंधी आदेश पर उठे विवाद के बीच, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि यह फैसला स्थानीय धर्मगुरुओं से परामर्श के बाद लिया गया है, और इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।

बिना अनुमति धन संग्रह को लेकर उठी चिंताओं का हवाला देते हुए, किश्तवाड़ के उपायुक्त ने बुधवार को पवित्र महीने के दौरान चंदा संग्रह को विनियमित करने संबंधी आदेश जारी किया था।

विधानसभा में बृहस्पतिवार को कांग्रेस विधायकों गुलाम अहमद मीर और निजामुद्दीन भट द्वारा उठाई गई चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, अब्दुल्ला ने कहा कि उन्होंने मामले की जांच की और पाया कि उपायुक्त ने यह आदेश मनमाने ढंग से जारी नहीं किया था।

उन्होंने कहा कि सभी जिला उपायुक्तों को पहले ही निर्देश दे दिए गए थे कि वे स्थानीय समुदायों से संवाद करें और रमजान के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने बताया कि ऐसी ही एक बैठक के दौरान किश्तवाड़ और आसपास के क्षेत्रों के मुस्लिम समुदाय के धार्मिक नेताओं ने उपायुक्त से मुलाकात की और रमजान के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा फर्जी गैर-सरकारी संगठनों की आड़ में चंदा संग्रह करने के मुद्दे को उठाया।

संयम बरतने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हर प्रशासनिक फैसले को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हमें कभी-कभी मामलों की गहराई में जाना चाहिए। कई फैसले लोगों से परामर्श के बाद लिए जाते हैं, न कि राजनीतिक आधार पर। ऐसे मुद्दों को राजनीति में नहीं घसीटना चाहिए।’’

आदेश की आलोचना करते हुए मीर और भट ने इसे तत्काल वापस लेने की मांग की थी।

भाषा रंजन संतोष

संतोष