Death toll in Balasore train accident rises to 292 कटक (ओडिशा), 18 जून । पश्चिम बंगाल के 24 वर्षीय एक यात्री की यहां सरकारी अस्पताल में मौत के साथ बालासोर ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 292 हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पलटू नस्कर का एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में इलाज चल रहा था। नस्कर पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना के निवासी थे।
पूर्व तट रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि नस्कर दो जून को ट्रेन दुर्घटना में घायल हो गए थे और उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वह 17 जून से वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे, क्योंकि उनकी हालत बिगड़ रही थी।
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि एससीबी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती 205 घायलों में से 45 का अभी भी उपचार किया जा रहा है, जिनमें 12 आईसीयू में हैं। उन्होंने बताया, ‘‘आईसीयू में भर्ती 12 मरीजों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।’’
इस महीने की शुरुआत में तीन ट्रेन से जुड़ी दुर्घटना में 287 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और पांच अन्य ने अस्पतालों में दम तोड़ दिया, जबकि 1,208 लोग घायल हुए।
शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस, बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी से जुड़े हादसे को भारत में सबसे भीषण रेल दुर्घटनाओं में से एक के रूप में वर्णित किया जा रहा है।
कोरोमंडल एक्सप्रेस दो जून को बाहानगा बाजार स्टेशन के पास शाम सात बजे के आसपास एक खड़ी मालगाड़ी से टकरा गई, जिससे उसके अधिकतर डिब्बे पटरी से उतर गए। उसी समय दूसरी लाइन से गुजर रही बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस के आखिरी कुछ डिब्बों से कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे टकरा गए।
बहरहाल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), भुवनेश्वर में 81 शवों की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। एक अधिकारी ने बताया कि हालांकि 70 लोगों ने पहले ही डीएनए परीक्षण के लिए रक्त के नमूने दे दिए हैं, लेकिन रिपोर्ट का इंतजार है।
एम्स भुवनेश्वर के अधिकारियों ने शनिवार को दिल्ली स्थित केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला को कम से कम 15 लोगों के डीएनए सैंपलिंग टेस्ट रिपोर्ट भेजने के लिए पत्र लिखा, क्योंकि उनके परिवार के सदस्य इस तरह की सत्यापन रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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