चेन्नई, 19 सितंबर (भाषा) जाने-माने ग्रेनाइट व्यवसायी आर. वीरमणि (85) से जुड़े हाई-प्रोफाइल ‘पॉक्सो’ मामले में केंद्रीय अपराध शाखा को पता चला है कि 2003 या उससे पहले भी कई नाबालिगों का यौन उत्पीड़न किया गया था। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मद्रास उच्च न्यायालय के तहत यौन अपराध से बच्चों की सुरक्षा (पॉक्सो) मामलों की विशेष अदालत के समक्ष और भी पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीड़ितों की संख्या बताने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारियों को संदेह है कि कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाली नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण दो दशक से अधिक समय से जारी रहा होगा।
जारी जांच के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए अधिकारी ने बताया कि बरामद किए गए एक लिखित संदेश (जिसे सह-आरोपी द्वारा वीरमणि को भेजा गया था) में 2003 की एक घटना का सीधा उल्लेख था। इस घटना में एक नाबालिग लड़की द्वारा कथित रूप से आत्महत्या किए जाने की बात कही गई थी जिसका कथित तौर पर वीरमणि ने यौन उत्पीड़न किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘इस सबूत से जांच टीम को संदेह हुआ कि विभिन्न लड़कियों से यह शोषण दो दशक या उससे भी अधिक समय से जारी रहा होगा।’’
भाषा सुरभि संतोष
संतोष