दिल्ली की अदालत ने पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपी को दोषी करार दिया

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दिल्ली की अदालत ने पुलिसकर्मियों पर हमले के आरोपी को दोषी करार दिया

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  • Publish Date - May 25, 2026 / 07:27 PM IST,
    Updated On - May 25, 2026 / 07:27 PM IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने 2016 में दो पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया और कहा कि उसने अपने साथी को उकसाकर जान से मारने की नीयत से चाकू से एक कांस्टेबल पर हमला करवाया था।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुभाष कुमार मिश्रा सुनील उर्फ ​​गोलू के खिलाफ मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिस पर पुलिसकर्मियों पर हमला करने, हत्या का प्रयास करने और मुकदमे की कार्यवाही के दौरान फरार होने का आरोप था।

अदालत ने 21 मई को जारी एक आदेश में कहा, ‘यदि किसी गवाह की गवाही विश्वसनीय, पुख्ता है और दूसरे गवाहों या सबूतों से भी उसकी पुष्टि हो जाती है, तो ऐसे गवाह के बयान को केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि वह एक पुलिस अधिकारी है और मामले में उसका कोई हित हो सकता है।’

अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने मामला संदेह से परे यह साबित कर दिया है कि सुनील व सह-आरोपी पवन ने दो पुलिसकर्मियों पर हमला किया था, जो अपने आधिकारिक कर्तव्य का निर्वहन कर रहे थे।

अदालत ने कहा कि चाकूबाजी की यह वारदात हत्या के प्रयास के समान है।

अदालत ने कहा, ‘सह-आरोपी पवन ने आरोपी के उकसावे पर और उसके साथ मिलीभगत से कांस्टेबल विक्रम की जांघ और कूल्हे पर चाकू से वार किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।”

पवन को अक्टूबर 2022 में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, 11 फरवरी 2016 को कांस्टेबल कविंदर और विक्रम भाटी त्रिलोकपुरी स्थित चांद सिनेमा की ओर एक भगोड़े अपराधी की मौजूदगी की सूचना की पुष्टि करने जा रहे थे, तभी सुनील से उनकी टक्कर होते-होते रह गई। सुनील कथित तौर पर गलत दिशा में तेज गति से मोटरसाइकिल चला रहा था।

पुलिसकर्मियों द्वारा सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह देने पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। अभियोजन पक्ष का आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी होने की जानकारी होने के बावजूद सुनील ने ईंट से अपने सिर पर वार किया और अपने साथी पवन व अन्य को बुलाया।

अदालत ने कहा कि आरोपी सुनील उर्फ ​​गोलू को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी ठहराया जाता है।

अदालत ने गौर किया कि पवन बाद में चाकू लेकर आया और उसने विक्रम भाटी पर कई बार वार किया। अदालत ने पाया कि एक चोट जानलेवा थी, क्योंकि इससे जांघ की नस को नुकसान पहुंचने के कारण तेजी से खून बह सकता था।

भाषा जोहेब दिलीप

दिलीप