दिल्ली की अदालत ने टक्कर के बाद कार से घसीटने के मामले में चालक को जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली की अदालत ने टक्कर के बाद कार से घसीटने के मामले में चालक को जमानत देने से इनकार किया
नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2023 में कंझावला में कार से टक्कर के बाद घसीटने से महिला की मौत के मामले में चालक को जमानत देने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति गिरीश कठपालिया ने कहा कि जिस तरीके से कथित तौर पर हत्या की गई, उसे देखते हुए अदालत आरोपी अमित खन्ना को राहत देने के पक्ष में नहीं है।
साल 2023 में एक जनवरी को तड़के अंजलि सिंह (20) की मौत हो गई, जब उनकी स्कूटी को एक कार ने टक्कर मार दी और उन्हें सुल्तानपुर से कंझावला तक 12 किलोमीटर से ज़्यादा दूर तक घसीटती ले गई।
न्यायमूर्ति कठपालिया ने बृहस्पतिवार को सुनाए आदेश में कहा, ‘‘सीसीटीवी फुटेज से पता चलता है कि आरोपी/याचिकाकर्ता को कार चलाने के लिए दी गई थी और अंजलि को टक्कर मारने तथा उसकी कार के नीचे फंसकर घिसटने के बाद भी आरोपी/याचिकाकर्ता कार चलाता रहा। इसके बाद उसने कार रोकी और नीचे उतरा, लेकिन अंजलि को कार के नीचे फंसा हुआ देखने के बावजूद उसने कार को फिर आगे बढ़ाया और करीब 13 किलोमीटर तक चलाया।’’
अदालत ने कहा, ‘‘हत्या को जिस तरीके से अंजाम दिया गया, उसे देखते हुए मैं जमानत देने के पक्ष में नहीं हूं। इसलिए जमानत याचिका खारिज की जाती है।’’
खन्ना ने इस आधार पर जमानत का अनुरोध किया था कि वह एक जनवरी 2023 से बिना किसी साक्ष्य के हिरासत में है और मामले के अन्य सभी सह-आरोपियों को पहले ही रिहा किया जा चुका है।
खन्ना के वकील ने दलील दी कि अंजलि की स्कूटी पर पीछे बैठी निधि का यह दावा कि वह मौजूदा आरोपी को घटना में शामिल कार के चालक के रूप में पहचान सकती है, उसके तीसरे बयान में सामने आया, जो घटना के एक सप्ताह बाद दर्ज किया गया था।
दिल्ली पुलिस के वकील ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि खन्ना ही कार चला रहा था।
जुलाई 2023 में एक निचली अदालत ने खन्ना और तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या के आरोप तय करने का आदेश दिया था। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने इस मामले में अप्रैल में 800 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया था।
भाषा आशीष दिलीप
दिलीप

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