कन्नूर (केरल), 27 जुलाई (भाषा) जिले की थालास्सेरी अदालत ने डेंटल कॉलेज के छात्र की आत्महत्या के मामले में मुख्य आरोपी एम.के. राम को विस्तृत पूछताछ के लिए अपराध शाखा की पांच दिन की हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
अपराध शाखा ने मामले की जांच के सिलसिले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत विशेष अदालत में आरोपी की हिरासत के अनुरोध वाली याचिका दायर की थी।
एम.के. राम को अदालत में पेश किया गया, जहां अभियोजन पक्ष ने आगे की जांच के लिए उन्हें हिरासत में भेजे जाने का अनुरोध किया।
अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए आरोपी को पांच दिन की अपराध शाखा की हिरासत में भेज दिया।
मामला कन्नूर के अंजराकांडी स्थित एक निजी डेंटल कॉलेज के छात्र नितिन राज से जुड़ा है। 10 अप्रैल को कॉलेज परिसर की एक इमारत से गिरने के बाद उसका शव मिला था, जिसे कथित आत्महत्या का मामला माना जा रहा है।
जांच के अनुसार, अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले नितिन राज का कॉलेज के डेंटल एनाटॉमी विभाग के तत्कालीन विभागाध्यक्ष एम.के. राम ने कथित तौर पर अपमान किया था और धमकाया था।
पिछले सप्ताह कर्नाटक से गिरफ्तार किए जाने के बाद विशेष अदालत ने उसी दिन एम.के. राम को रिहा कर दिया था। अदालत ने कहा था कि गिरफ्तारी का आधार उसे उपलब्ध नहीं कराया गया।
इस घटनाक्रम पर असंतोष जताते हुए बाद में केरल उच्च न्यायालय ने सवाल उठाया था कि क्या वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरोपी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उच्च न्यायालय ने आरोपी को गिरफ्तार करने वाले जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का भी निर्देश दिया था।
इसके बाद अपराध शाखा ने एम.के. राम को दोबारा गिरफ्तार किया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस मामले में एम.के. राम के अलावा कॉलेज की एक अन्य संकाय सदस्य संगीता नांबियार के.टी. और छात्रावास वार्डन कमलाशन वी.वी. को भी आरोपी बनाया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, संगीता नांबियार को अग्रिम जमानत मिल चुकी है, जबकि कमलाशन की कथित भूमिका की जांच अभी जारी है।
भाषा शोभना नेत्रपाल
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