नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) दिल्ली की सभी जिला अदालतों के बार एसोसिएशन की समन्वय समिति ने एक परिपत्र जारी कर कहा है कि सदस्य वकील ‘केंद्रीय मोटर वाहन नियम’ में हालिया बदलाव के विरोध में बृहस्पतिवार को लोक निवास (उपराज्यपाल आवास) तक शांतिपूर्ण मार्च निकालेंगे।
परिपत्र में कहा गया है कि जिला बार एसोसिएशन 24 सितंबर को न्यायिक कार्य से पूर्ण रूप से दूर रहेंगे।
सोमवार को जारी परिपत्र में कहा गया, ‘‘केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के संशोधित नियम 167 के तहत जारी अधिसूचना पर विचार करने के लिए 21 सितंबर को समन्वय समिति की एक आपात बैठक हुई। इस अधिसूचना के जरिये विवादित चालान के निपटारे के लिए अलग-अलग कार्यकारी/विभागीय अधिकारियों को नियुक्त किया गया है।’’
परिपत्र के मुताबिक, समिति ने अच्छी तरह विचार-विमर्श करने के बाद सर्वसम्मति से उस व्यवस्था का कड़ा विरोध करने और उसे तुरंत वापस लेने या उस पर फिर से विचार करने की मांग करने का फैसला किया।
समिति ने यह भी कहा कि न्यायिक स्वतंत्रता और न्याय तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विवादित चालानों का निपटारा न्यायिक दायरे में ही होना चाहिए।
परिपत्र में कहा गया है कि समन्वय समिति 24 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे तीस हजारी अदालत से लोकनिवास तक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने का संकल्प लेती है।
भाषा राजकुमार पारुल
पारुल