नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) दिल्ली सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 के अपने बजट का तकरीबन साढ़े 12 फीसदी हिस्सा स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र के लिए आवंटित किया है जो 13,034 करोड़ रुपये है।
सरकार ने नवजात शिशुओं के लिए मुफ्त आनुवंशिक परीक्षण का प्रावधान, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का विस्तार, पीएम-जेएवाई योजना के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शामिल करने और बेहतर स्वास्थ्य सेवा के लिए अवसंरचना बढ़ावा देने पर ध्यान दिया है।
वित्त विभाग का प्रभार संभाल रही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए 1.03 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया, जिसमें कई कल्याणकारी पहल की घोषणा की गई। स्वास्थ्य संबंधी आवंटन में 2025-26 के 12,893 करोड़ रुपये की तुलना में एक प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
गुप्ता ने कहा, “इस वर्ष हमारा ध्यान ‘सुलभ स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षित जीवन’ पर केंद्रित है। हमारा लक्ष्य प्राथमिक चिकित्सा से लेकर गहन चिकित्सा तक एक मजबूत, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का निर्माण करना है, जहां उपचार एक अधिकार हो, उपकार नहीं।”
उन्होंने कहा कि सरकार दिल्ली के नवजातों के लिए नवजात शिशुओं की उन्नत निगरानी और इष्टतम जीवन-देखभाल (अनमोल) योजना 25 करोड़ रुपये के साथ शुरू करने जा रही है और इसके तहत नवजात बच्चों के रक्त की एक बूंद से 56 प्रकार के परीक्षण दिल्ली सरकार द्वारा नि:शुल्क किये जाएंगे, जिससे नवजातों को सुरक्षित, स्वस्थ भविष्य मिल सके।
सरकार ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को शामिल करने की भी घोषणा की है, जिसके लिए 202 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है।
इस योजना के तहत आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कर्मी, विधवा और दिव्यांग पेंशनधारियों को शामिल कर इसका दायरा पहले ही 7.5 लाख लाभार्थियों तक बढ़ा दिया गया है।
गुप्ता ने कहा, “जब मैं उनसे (ट्रांसजेंडर से) मिली, तो उन्होंने मुझे बताया कि उनकी सबसे बड़ी समस्या सही इलाज न मिलना है, जिसकी वजह से अक्सर उन्हें निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। अब हमने उन्हें इस सूची में शामिल कर लिया है।’
उन्होंने बताया कि पीएम-एबीएचआईएम के तहत 370 आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू किए जा चुके हैं और वित्त वर्ष 2026-27 में 750 से अधिक नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित करने के लिए 1500 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव है।
स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक जवाबदेह और कुशल बनाने के लिए, सरकार निजी और सरकारी, दोनों तरह के अस्पतालों में ‘रियल-टाइम वेंटिलेटर बेड वेकेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम ‘ लागू करेगी।
सरकार रक्त की उपलब्धता और दाताओं के बारे में वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करने के लिए एक डिजिटल ब्लड बैंक और दाता रजिस्ट्री भी शुरू करेगी, जिसमें रक्त इकाइयों का विवरण भी शामिल होगा।
इसी के साथ दिल्ली सरकार ने मदीपुर, सिरासपुर, हस्तसाल और ज्वालापुरी में अस्पताल परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 515 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
गुप्ता ने कहा, ‘पिछली सरकार द्वारा अधूरे छोड़े गए सात आईसीयू अस्पतालों को 150 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा।’
राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल, बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल जैसे अस्पतालों में पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के तहत उन्नत किया जाएगा और केंद्र की मदद से इनकी अवसरंचना की सुदृढ़ किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल और सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में अधूरी परियोजनाओं का काम भी पूरा किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त, केंद्र के सहयोग से 11 एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाएं और नौ गहन देखभाल ब्लॉक विकसित किए जाएंगे।
गुप्ता ने कहा, “गुरु तेग बहादुर अस्पताल में 200 करोड़ रुपये के आवंटन से एक नया ट्रॉमा सेंटर भी बनाया जाएगा।” केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) के माध्यम से चिकित्सा उपकरण और आपूर्ति की खरीद के लिए 787 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में मेडिकल कॉलेज में स्नातक (यूजी) की सीटों को 595 से बढ़ाकर 820 किया जाएगा और इसी प्रकार स्नातकोत्तर (पीजी) की सीटों को 553 से बढ़ाकर 762 किया जाएगा।
गुप्ता ने कहा कि द्वारका के इंदिरा गांधी अस्पताल में एक मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा जिसके लिए 50 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
उन्होंने कहा, “मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के वर्षों पुराने छात्रावासों की स्थिति जर्जर थी और हमारी सरकार वित्त वर्ष 2026-27 में छात्र-छात्राओं के लिए एक-एक नए छात्रावास का निर्माण शुरू करेगी। इसके लिए 50 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है।”
गुप्ता ने कहा कि दिल्ली राज्य आयुष सोसाइटी के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित किया गया है।
भाषा नोमान नोमान रंजन
रंजन