दिल्ली सरकार जलभराव की समस्या से निपटने के लिए चार जल निकासी परियोजनाओं में तेजी लाएगी

दिल्ली सरकार जलभराव की समस्या से निपटने के लिए चार जल निकासी परियोजनाओं में तेजी लाएगी

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  • Publish Date - January 11, 2026 / 10:19 PM IST,
    Updated On - January 11, 2026 / 10:19 PM IST

नयी दिल्ली, 11 जनवरी (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में व्याप्त जलभराव की समस्या से निपटने के लिए चार बड़ी जल निकासी परियोजनाओं को गति प्रदान की है।

गुप्ता ने कहा, ‘‘जल निकासी मास्टर प्लान दिल्ली की भौगोलिक स्थिति, बार-बार होने वाले जलभराव, बढ़ती जनसंख्या के दबाव और भविष्य के लिए तैयार बुनियादी ढांचे की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।’’

मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, मुंडका का पूरक नाला, एमबी रोड का बरसाती नाला, किराड़ी-रिठाला मुख्य नाला और रोहतक रोड के किनारे का बरसाती नाला, दिल्ली के जल निकासी बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण की सरकार की रणनीति के प्रमुख घटक हैं जिन्हें विकसित किया जा रहा है।

गुप्ता ने कहा, ‘‘उन्नत मुख्य नालों से यमुना में वर्षा जल का शीघ्र निकास सुनिश्चित होगा और सीवरेज नेटवर्क पर दबाव कम होगा।’’

किराड़ी, मुंडका, बावाना और नांगलोई में लंबे समय से चली आ रही जल निकासी की समस्या के समाधान के लिए, मुंडका हॉल्ट स्टेशन से रेलवे लाइन के समानांतर 4.5 किलोमीटर लंबा एक मुख्य नाला प्रस्तावित है।

अधिकारियों ने बताया, ‘‘सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग द्वारा 220.93 करोड़ रुपये की लागत से कार्यान्वित की जा रही यह परियोजना 1,520 एकड़ के जल संग्रहण क्षेत्र को कवर करेगी और इसकी जल निकासी क्षमता 760 क्यूसेक है।’’

उन्होंने बताया कि यह नाला पूरक नाले में मिलाया जाएगा और अपने मार्ग में कई गौड़ नालों को एकीकृत करते हुए एक एकीकृत जल निकासी प्रणाली का निर्माण करेगा।

यह कार्य रेलवे की जमीन पर किया जाएगा, जिसके लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। परियोजना को मंज़ूरी मिलने के बाद 15 महीनों के भीतर इसके पूरा होने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि 387.84 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली बरसाती जल के निकासी वाली एक परियोजना से दक्षिण दिल्ली के इलाकों, विशेष रूप से लाडो सराय टी-पॉइंट से पुल प्रहलादपुर तक एमबी रोड के हिस्से में जलभराव को रोका जा सकेगा।

लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही इस परियोजना में 11.38 किलोमीटर सड़क और इसके दोनों ओर 22.76 किलोमीटर लंबा नाला शामिल है।

अधिकारियों ने कहा, ‘‘ढाई साल में पूरा होने वाली इस परियोजना में फुटपाथों का निर्माण, उपयोगिता सेवाओं का स्थानांतरण और लगभग 500 पेड़ों का प्रत्यारोपण या कटाई भी शामिल है।’’

इसी तरह, उत्तर-पश्चिम दिल्ली में दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा 250.21 करोड़ रुपये की लागत से 7.2 किलोमीटर लंबे किराड़ी-रिठाला मुख्य नाले का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी जल निकासी क्षमता 1,160 क्यूसेक है।

भाषा संतोष रंजन

रंजन