Tejashwi Yadav Statement Today || Image- IBC24 News File
पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर लोकतंत्र को “धन तंत्र” और “मशीन तंत्र” में बदलने का आरोप लगाया। रविवार को उन्होंने कहा कि पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी नहीं, बल्कि बिहार की जनता हारी है। यूरोप दौरे से लौटने के बाद पटना पहुंचे यादव ने यह भी कहा कि वह राजग सरकार के कामकाज पर 100 दिनों तक कोई टिप्पणी नहीं करेंगे और यह देखेंगे कि सरकार अपने चुनावी वादों को पूरा करती है या नहीं।
गौरतलब है कि नवंबर 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ राजग ने राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन को करारी शिकस्त देकर बिहार की सत्ता बरकरार रखी थी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “पिछले साल हुए चुनावों में जनता हारी और व्यवस्था जीत गई। इन लोगों ने लोकतंत्र को धनतंत्र और मशीन तंत्र में बदल दिया।”
हालांकि राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने इस आरोप को लेकर विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन उनका इशारा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया और सरकारी योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को 10,000 रुपये दिए जाने की ओर माना जा रहा है। यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान “षड्यंत्र रचा गया” और चुनाव “धोखे के जरिए जीता गया।”
तेजस्वी यादव ने कहा कि उनकी पार्टी सकारात्मक राजनीति में विश्वास करती है, इसलिए वह मौजूदा सरकार के फैसलों और नीतियों पर 100 दिनों तक कुछ नहीं कहेंगे। उन्होंने कहा, “देखते हैं हमारी माताओं और बहनों को दो लाख रुपये कब मिलते हैं। एक करोड़ युवाओं को रोजगार कब मिलेगा? हर जिले में 4–5 कारखाने लगाने की बात हुई थी, देखते हैं क्या होता है।” उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सितंबर के अंत में मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत की थी, जिसके तहत 75 लाख महिलाओं के खातों में 10,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। सरकार के अनुसार, इस योजना में उद्यम की सफलता के आधार पर दो लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान भी है।
तेजस्वी यादव के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि राजद को यह समझने की जरूरत है कि जनता ने उन्हें नकार दिया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास पासवान) के नेता पासवान ने कहा कि जनता राजद के कार्यकाल के दौरान के “जंगल राज” को अभी तक नहीं भूली है। उन्होंने दावा किया कि 2005 के बाद राजद अपने दम पर सत्ता में वापसी की कल्पना भी नहीं कर सकता और पार्टी को कभी नीतीश कुमार के समर्थन तो कभी विभाजित राजग का सहारा लेना पड़ा।