दिल्ली उच्च न्यायालय ने नव दंपति को प्रदान की पुलिस सुरक्षा

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने नव दंपति को प्रदान की पुलिस सुरक्षा

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  • Publish Date - November 15, 2022 / 09:28 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 07:55 PM IST

नयी दिल्ली, 15 नवंबर (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को एक नव दंपति को पुलिस सुरक्षा प्रदान की। युवती के परिजनों की मर्जी के खिलाफ शादी करने के बाद से नव दंपति को धमकियां मिल रही है।

दंपति के शादी करने के बाद युवती को उसके परिवार ने जबरन राजस्थान में रख लिया, जिसके बाद पति ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और उसे (पत्नी को) अदालत के समक्ष पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया।

अदालत के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने युवती को यहां खंड पीठ के समक्ष पेश किया। न्यायाधीश सिद्धार्थ मृदुल और न्यायाधीश अमित शर्मा की पीठ ने युवक की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को मंजूरी देते हुए कहा कि महिला को अपने पति के साथ ससुराल में रहने की आजादी है।

उच्च न्यायालय ने पुलिस को नव दंपति की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि पुलिस यह सुनिश्चित करे की युवती शांतिपूर्ण तरीके से रह सके और इसमें उसके परिवार का कोई सदस्य कोई बाधा उत्पन्न नहीं करे।

अदालत में पेश किए जाने पर युवती ने स्पष्ट तौर पर कहा कि उसने द्वारका में आर्य समाज मंदिर में 6 सितंबर को अपनी मर्जी से शादी की। उसने कहा कि उसे पिता और रिश्तेदारों ने सीकर (राजस्थान) में उसकी इच्छा के विरुद्ध रखा। उसने परिजनों से मिल रही धमकियों के मद्देनजर न्यायालय से सुरक्षा प्रदान करने का आग्रह किया।

भाषा संतोष पवनेश

पवनेश