दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहलवान सुशील कुमार की जमानत याचिका पर पुलिस को रुख स्पष्ट करने को कहा

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने पहलवान सुशील कुमार की जमानत याचिका पर पुलिस को रुख स्पष्ट करने को कहा

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  • Publish Date - February 20, 2026 / 01:34 PM IST,
    Updated On - February 20, 2026 / 01:34 PM IST

नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पूर्व जूनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियन सागर धनकर की हत्या के मामले में ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस का रुख मांगा।

न्यायमूर्ति अनूप जे भंभानी ने दिल्ली पुलिस और मृतक के परिजनों को नोटिस जारी कर उनसे क्रमशः स्थिति रिपोर्ट और जवाब दाखिल करने को कहा है।

अदालत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल अगस्त में उच्च न्यायालय द्वारा कुमार को दी गई जमानत रद्द कर दी थी। न्यायाधीश ने टिप्पणी की, ‘‘मुझे लगता है कि आप कुछ ज्यादा ही उम्मीद कर रहे हैं।’’

अदालत ने पूछा, ‘‘जब उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है, तो आप मुझसे क्या उम्मीद करते हैं?’’

अभियुक्त के वकील ने कहा कि जमानत याचिका पर विचार किया जाना चाहिए क्योंकि मुकदमे में सभी सार्वजनिक गवाहों से पूछताछ हो चुकी है।

दिल्ली पुलिस और मृतक के परिजनों के वकीलों ने कहा कि सभी सार्वजनिक गवाहों से पूछताछ अभी बाकी है।

अदालत ने कहा, ‘‘अगली सुनवाई की तारीख से पहले स्थिति रिपोर्ट/विस्तृत जवाब दाखिल किया जाए। चार मई को पुनः सूचित करें।’’

कुमार को मई 2021 में गिरफ्तार किया गया था और अधीनस्थ न्यायालय ने 19 जुलाई, 2023 को घुटने की सर्जरी के लिए उन्हें एक सप्ताह की अंतरिम जमानत दी थी।

उच्चतम न्यायालय ने 13 अगस्त, 2025 को कुमार की जमानत रद्द कर दी और चार मार्च के उच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि गवाहों पर उनके ‘‘प्रभाव’’ या मुकदमे की कार्यवाही को प्रभावित कर उसमें देरी किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

इसी साल छह फरवरी को अधीनस्थ अदालत ने यह कहते हुए कुमार को जमानत देने से इनकार कर दिया था कि आरोपी द्वारा गवाहों को प्रभावित करने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

अक्टूबर 2022 में अधीनस्थ अदालत ने कुमार के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश, धमकी और घातक हथियार से बलवा करने से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत आरोप तय किए। उन पर शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत भी आरोप तय किए गए थे।

अधीनस्थ अदालत ने पाया कि धनकर को अगवा कर छत्रसाल स्टेडियम लाया गया था, जहां कई आरोपियों ने बेसबॉल और हॉकी स्टिक से उनकी पिटाई की थी।

भाषा सुरभि मनीषा

मनीषा