दिल्ली उच्च न्यायालय ने उद्यमी अमन गुप्ता के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने उद्यमी अमन गुप्ता के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा की

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 04:43 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 04:43 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने उद्यमी और स्मार्ट वियरेबल कंपनी बोट के सह-संस्थापक अमन गुप्ता के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा करते हुए तीसरे पक्षों को उनके नाम, तस्वीर, आवाज और अन्य विशेषताओं के अनधिकृत इस्तेमाल से रोक दिया है।

कार्यक्रम ‘शार्क टैंक’ के निर्णायक द्वारा दायर मामले पर सात मई को पारित एक अंतरिम आदेश में, न्यायमूर्ति तुषार गेडेला ने कहा कि अपने छोटे से करियर में गुप्ता ने कई उपलब्धियां हासिल कर खुद को उद्योग में स्थापित किया है, और कुछ कंपनियां उनके नाम, आवाज, व्यक्तित्व, तस्वीरों के साथ-साथ पंजीकृत ट्रेडमार्क का भी दुरुपयोग कर रही हैं, जो विशेष रूप से उनके स्वामित्व में हैं।

अदालत ने मेटा और गूगल जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को मुकदमे में चिह्नित सामग्री को हटाने और कथित उल्लंघनकर्ताओं का विवरण भी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया।

गुप्ता ने अपनी याचिका में कहा कि तीसरे पक्ष उनके व्यक्तित्व की विशेषताओं का इस्तेमाल करके उनके नाम पर सामान बेचकर, एआई-आधारित चैटबॉट तैनात करके, उन्हें गलत तरीके से चित्रित करके और अन्य तरीके से उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं।

उन्होंने इंस्टाग्राम पर उपयोगकर्ताओं द्वारा उनकी पहचान का दुरुपयोग करने और उनके कथित संपर्क विवरण प्रकाशित करने का भी आरोप लगाया।

ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और सलमान खान जैसी कई हस्तियों, ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री श्री रवि शंकर, पत्रकार सुधीर चौधरी, पॉडकास्टर राज शमानी और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी पूर्व में अपनी निजता और प्रचार अधिकारों की रक्षा के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। उच्च न्यायालय ने उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी।

भाषा आशीष अमित

अमित