नयी दिल्ली, तीन मई (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को कहा कि सात नये कॉरिडोर और 65 स्टेशन के निर्माण से दिल्ली में मेट्रो कनेक्टिविटी 97 किलोमीटर तक बढ़ जाएगी।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के 32वें स्थापना दिवस पर गुप्ता ने बताया कि मेट्रो फेज-पांच (बी) के तहत राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी और विकासशील क्षेत्रों को जोड़ने वाले सभी सात कॉरिडोर के निर्माण की अनुमानित लागत लगभग 48,204.56 करोड़ रुपये है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में गुप्ता के हवाले से कहा गया है कि लक्ष्य 2029 तक चार प्राथमिकता वाले कॉरिडोर को पूरा करना है।
गुप्ता ने बताया कि पहला कॉरिडोर नजफगढ़ के ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई तक होगा। उन्होंने बताया कि 11.859 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड और स्वतंत्र कॉरिडोर होगा, जिसमें नौ स्टेशन होंगे। उन्होंने बताया कि नांगलोई (ग्रीन लाइन) और ढांसा बस स्टैंड (ग्रे लाइन) पर इंटरचेंज की सुविधा उपलब्ध होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दूसरा कॉरिडोर (15.969 किमी) केंद्रीय सचिवालय को किशनगढ़ से जोड़ेगा, जिसमें से 13.731 किमी भूमिगत होगा। उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर 10 स्टेशन होंगे, जिनमें नौ भूमिगत और एक एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि तीसरा कॉरिडोर मौजूदा लाइन-2 को समयपुर बादली से नरेला डीडीए स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक विस्तारित करेगा। उन्होंने बताया कि यह 12.89 किमी लंबा कॉरिडोर पूरी तरह से एलिवेटेड होगा और इसमें आठ स्टेशन होंगे।
उन्होंने बताया कि 9.967 किमी लंबा चौथा कॉरिडोर लाइन-5 को कीर्ति नगर से पालम तक विस्तारित करेगा।
उन्होंने बताया कि जोर बाग से मीठापुर तक की लाइन 16.991 किलोमीटर लंबी होगी और लोधी कॉलोनी, ओल्ड ईश्वर नगर, अली गांव, जैतपुर, मोलादबंद और मीठापुर को जोड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि छठा कॉरिडोर शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज तीन तक होगा। उन्होंने बताया कि यह 13.197 किमी लंबा स्वतंत्र कॉरिडोर होगा, जिसमें 8.99 किमी का भूमिगत खंड शामिल होगा।
उन्होंने बताया कि सातवां कॉरिडोर केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर 34 तक विकसित किया जाएगा, जो पूरी तरह से एलिवेटेड 16.285 किमी लंबा होगा और इसमें 12 स्टेशन होंगे।
बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने डीएमआरसी को प्राथमिकता वाले और गैर-प्राथमिकता वाले कॉरीडोर के लिए अलग-अलग संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने और प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
भाषा अमित सुभाष
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