नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) दिल्ली के स्कूल, कॉलेजों, अस्पतालों और रैन बसेरों की नियमित अग्नि सुरक्षा ऑडिट आयोजित की जाएगी, जबकि आरडब्ल्यूए, बाजार संघ और अन्य सामाजिक संगठन समूचे राष्ट्रीय राजधानी में आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने के उपायों के तहत जागरूकता अभियान और ‘मॉक ड्रिल’ में हिस्सा लेंगे।
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने सोमवार को सचिवालय में दिल्ली अग्निशमन सेवा के वरिष्ठ और मंडलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए ये निर्देश जारी किए।
बैठक में आग की रोकथाम के उपायों, मौजूदा अग्नि सुरक्षा तंत्र में बाधाओं, आपातकालीन तैयारियों, आधुनिक अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, नए अग्निशमन वाहनों की खरीद और अग्निशमन विभाग के प्रस्तावित आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित किया गया।
एक बयान के अनुसार, अग्निशमन विभाग के प्रतिक्रिया समय में सुधार, आंतरिक संचार प्रणाली को उन्नत करने, एक आधुनिक कमान और नियंत्रण तंत्र विकसित करने और विकसित प्रौद्योगिकियों के अनुरूप अग्निशमन कर्मियों को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।
सूद ने अधिकारियों को आपात स्थिति के दौरान त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली की अग्नि सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार निवासियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अग्निशमन विभाग के बुनियादी ढांचे और तंत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
मंत्री ने संभागीय अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा पर जागरूकता अभियान चलाने के लिए रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन(आरडब्ल्यूए), बाजार निकायों, धार्मिक समितियों, क्लबों और अन्य सामाजिक संगठनों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया, जिसमें मॉक ड्रिल और आग की घटनाओं के दौरान ‘क्या करें और क्या न करें’ पर कार्यक्रम शामिल हैं।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे निवासियों को पानी के छिड़काव के लिए ‘स्प्रिंकलर’ और धुएं की पहचान करने वाली प्रणाली ‘स्मोक डिटेक्टर सिस्टम’ जैसे आधुनिक अग्नि सुरक्षा उपकरणों को घरों में लगाने के लिए प्रोत्साहित करें।
भाषा सुरभि दिलीप
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