लखनऊ, 11 मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने चाइनीज मांझे (नायलॉन और सीसे की परत वाला धागा) की खरीद-बिक्री व इस्तेमाल पर रोक को लेकर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने पूछा कि इस पर रोक लगाने के लिए सरकार की क्या योजना है।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार से जवाब तलब किया।
सरकार की ओर से बताया गया कि ऐसे मांझों पर रोक के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया चल रही है और छह सदस्यीय कमेटी भी गठित की जा चुकी है।
केंद्र सरकार के अधिवक्ता राजकुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण पहले ही सीसे की परत वाले नायलॉन युक्त मांझे पर प्रतिबंध लगा चुका है।
इस पर अदालत ने कहा कि प्रतिबंध का पालन होना चाहिए और जहां इनका निर्माण व बिक्री हो रही है, उसकी जांच करना राज्य सरकार का दायित्व है।
अदालत ने अगली सुनवाई 13 जुलाई को तय करते हुए गृह और पर्यावरण विभाग के सचिव या इससे ऊपर के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए उपस्थित रहने का आदेश दिया।
शहर के ‘काइट एसोसिएशन’ ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल कर कहा कि चाइनीज मांझे के नाम पर पुलिस और अधिकारियों द्वारा उनके सदस्यों को परेशान किया जा रहा है। इस पर अदालत ने कहा कि एसोसिएशन भी रोकथाम में सहयोग करे और किसी को बेवजह परेशान न किया जाए।
भाषा सं आनन्द
संतोष
संतोष