नेहरू प्लेस में क्लब के बाहर दो महिलाओं के साथ छेड़छाड़, मारपीट; चार आरोपी हिरासत में लिए गए

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नेहरू प्लेस में क्लब के बाहर दो महिलाओं के साथ छेड़छाड़, मारपीट; चार आरोपी हिरासत में लिए गए

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 11:01 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 11:01 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के नेहरू प्लेस इलाके में एक होटल के बाहर असम और बिहार की दो महिलाओं के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ एवं मारपीट की गई तथा उनके खिलाफ नस्लवादी टिप्पणियां भी की गईं। पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में सभी चार आरोपी हिरासत में ले लिए गए हैं।

दोनों महिलाओं का कहना है कि घटना के दौरान भीड़ मौजूद होने के बावजूद एक भी व्यक्ति उनकी मदद के लिए आगे नहीं आया।

पीड़ितों ने कहा कि इस घटना के कारण वे न सो पा रही हैं, न ठीक से खाना खा पा रही हैं, और न बाहर कदम रखते समय खुद को सुरक्षित महसूस कर पा रही हैं।

पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में सभी चार आरोपी हिरासत में ले लिए गए हैं।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “दो महिलाओं में से एक असम की और दूसरी बिहार की है। चार आरोपियों की पहचान हुई है और सभी को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।”

पुलिस ने कहा कि आरोपियों की पहचान मोहम्मद फहद (28) (एक निजी संस्थान में कंप्यूटर ऑपरेटर), मोहम्मद सवेज (45) (पूर्व बाउंसर जो वर्तमान में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत है), मोहम्मद आरिफ (33) (नोएडा में एक मोबाइल स्टोर का कर्मचारी) और अमन (21) (एक टैक्सी चालक) के रूप में हुई है। ये सभी ओखला के जाकिर नगर के निवासी हैं।

असम की पीड़ित महिला ने कहा, ‘‘मैं साहसी हूं और आगे भी साहसी बने रहना चाहती हूं, लेकिन मैं सुरक्षित भी महसूस करना चाहती हूं। मैं खुलकर बोल सकती हूं, लेकिन बहुत सी लड़कियां ऐसी हैं जो नहीं बोल सकतीं। उनका क्या होगा? इसीलिए मुझे सुरक्षा चाहिए।’’

दूसरी महिला ने आरोप लगाया, ‘‘उसने अपनी कमीज खोली, अश्लील इशारे किए और हमें परेशान करने लगा। मुझे गुस्सा आया और मैंने उसे अपशब्द कहे, फिर चुपचाप बैठकर चाय पीती रही। थोड़ी देर बाद दो लोग मेरे पास आए और मुझसे पूछा कि मैंने उन्हें क्यों अपशब्द कहे। मैंने उन्हें बताया कि मैंने उन्हें नहीं, बल्कि उस आदमी को अपशब्द कहे थे जिसने मुझे परेशान किया था।’’

उसने दावा किया कि जैसे-जैसे पुरुष उन्हें उकसाते रहे, वैसे-वैसे टकराव तेजी से बढ़ता गया, जबकि पास की एक कार में बैठा एक व्यक्ति बार-बार मना किए जाने के बावजूद उन्हें घूरता रहा।

महिला ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया, ‘‘उसने कहा कि वह अपना कैमरा चालू कर देगा। जैसे ही दोनों आदमी मेरे चेहरे के बहुत करीब आए, मेरी दोस्त ने उनमें से एक को धक्का देकर दूर कर दिया। उसके तुरंत बाद, सफेद शर्ट पहने आदमी ने उसे थप्पड़ मार दिया।’

महिला को थप्पड़ मारने के बाद स्थिति और बिगड़ गई। महिला ने आरोप लगाया, ‘‘लगभग सात लोगों ने मेरी दोस्त को घेर लिया, उसे बीच में धकेल दिया, उसके कपड़े फाड़ दिए, उसे गलत तरीके से छुआ और उस पर हमला किया। इसके बाद भी वे शांत नहीं हुए।’’

महिला ने आरोप लगाया कि घटनास्थल पर कई लोग मौजूद थे, जिनमें पुरुष और महिलाएं शामिल थीं, लेकिन मदद के लिए उनकी गुहार सुनने के बावजूद किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। उसने दावा किया, ‘हम घटनास्थल से दूर चले गए, लेकिन वे फिर से आए, उनके हाथ में बांस की लाठी थी और उन्होंने हम पर हमला करने की कोशिश की।’’

दूसरी महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी नशे में लग रहे थे और चाय की दुकान पर पहुंचते ही उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। उसने दावा किया, ‘‘कुछ ही पलों में कई लोगों ने मुझ पर हमला करना शुरू कर दिया। मुझे याद भी नहीं कि मुझे कितनी बार थप्पड़ मारे गए। मेरे कपड़े फाड़ दिए गए और मुझे गलत तरीके से छुआ गया।’’

उसने आरोप लगाया, ‘‘वहां बहुत से लोग मौजूद थे, लेकिन हमारी चीखों के बावजूद कोई हमारी मदद के लिए आगे नहीं आया। आक्रामकता और तनाव के कारण मेरा रक्तचाप गिर गया। उस समय हमारा मासिक धर्म भी जारी था और हम पहले से ही असहज महसूस कर रहे थे।’’

पुलिस के अनुसार, यह घटना 10 मई को सुबह करीब 6:30 बजे नेहरू प्लेस स्थित एक होटल के बाहर चाय की दुकान के पास घटी।

पुलिस ने बताया कि सुबह करीब सात बजे पीड़िताओं ने पुलिस नियंत्रण कक्ष (पीसीआर) को घटना की सूचना दी, जिसके बाद कालकाजी थाने की एक टीम मौके पर पहुंची।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पीड़िताओं पर कथित तौर पर पुरुषों के एक समूह द्वारा अपमानजनक टिप्पणियां की गईं और उन्हें अपशब्द कहे गए तथा उनके साथ मारपीट भी हुई।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि वे क्लब के बाहर चाय पी रही थीं, तभी दो पुरुषों ने उन्हें देखकर फब्तियां कसनी शुरू कर दीं और इसमें कथित तौर पर कई अन्य लोग भी शामिल हो गए। उनका दावा है कि इससे बहस होने लगी, जिसने बाद में उग्र रूप ले लिया।

अधिकारी ने बताया, ‘‘शिकायतकर्ताओं में से एक ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ की गई और उसके कपड़े फाड़ दिए गए। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसपर नस्लवादी टिप्पणियां कीं।’’

पीड़िताओं में से एक ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे घटनास्थल से निकलने की कोशिश कर रही थीं, तब उनपर बांस की लाठी से हमला किया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर उनका रास्ता भी रोका और घटना के बारे में किसी को बताने पर उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दी।

अधिकारी ने कहा कि पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचते ही दोनों पीड़िताओं को चिकित्सा जांच के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ले जाया गया।

उन्होंने कहा कि कालकाजी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 74 (किसी महिला की शील भंग करने के इरादे से उसपर आपराधिक बल प्रयोग), 126(2) (गलत तरीके से रोकना), 351(2) (आपराधिक धमकी), 78 (पीछा करना) और 3(5) (सामान्य इरादे) के तहत 10 मई को मामला दर्ज किया गया है और तुरंत जांच शुरू कर दी गई है।

प्राथमिकी के अनुसार, महिलाओं ने पुलिस को बताया कि वे चाय पी रही थीं तभी दो पुरुषों ने उनपर फब्तियां कसना शुरू कर दिया। प्राथमिकी में कहा गया है, ‘फिर उनके दोस्त भी शामिल हो गए और हमें परेशान करने लगे। आरोपियों ने मेरी दोस्त को पीटा और उसके कपड़े भी फाड़ दिए। उन्होंने हमारे साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया।’

महिलाओं ने पुलिस को बताया कि अगर आरोपियों को उनके सामने पेश किया जाए तो वे उनकी पहचान कर लेंगी।

पुलिस ने बताया कि जांच के तहत, आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई।

पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान, गवाहों और राहगीरों सहित आठ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद घटना में शामिल चार मुख्य आरोपियों की पहचान की गई।

घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए, जिनसे जांचकर्ताओं को अहम सुराग मिले।

जांच से जुड़े एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘ऐसा लगता है कि महिलाओं ने झगड़े के दौरान कुछ वीडियो रिकॉर्ड किए थे, जिनमें कई आरोपियों के चेहरे साफ दिखाई दे रहे हैं। इससे पुलिस को उनकी पहचान करने में तुरंत मदद मिली।’

पुलिस के अनुसार, लगभग दो मिनट लंबे एक वीडियो क्लिप में पुरुषों का एक समूह कथित तौर पर शराब के नशे में धुत होकर महिलाओं को अपशब्द कहते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में एक आरोपी रिकॉर्डिंग रोकने की कोशिश करते हुए सुना जा सकता है।

अधिकारी ने कहा, “ फुटेज में एक व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘भाई ये तो वीडियो बना रही है, क्या करेगा?’इसके बाद अपशब्दों का प्रयोग किया गया।”

अधिकारी ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई पुलिस टीम गठित की गई हैं और उनसे जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

भाषा

शुभम संतोष

संतोष