‘दिल्ली नेक्स्ट’ शासन व नवोन्मेष के बीच सेतु : रेखा गुप्ता

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‘दिल्ली नेक्स्ट’ शासन व नवोन्मेष के बीच सेतु : रेखा गुप्ता

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  • Publish Date - July 2, 2026 / 09:36 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 09:36 PM IST

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को कहा कि भविष्य की सरकारें केवल प्रशासन नहीं चलाएंगी, बल्कि डेटा, एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), डिजिटल नवाचार और नागरिक सहभागिता के माध्यम से अधिक उत्तरदायी शासन प्रदान करेंगी।

इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘‘‘दिल्ली नेक्स्ट’ उसी भविष्य की दिशा में दिल्ली सरकार का एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है।”

देशभर की 60 टीमों ने बृहस्पतिवार को ‘‘दिल्ली नेक्स्ट– कोड, क्रिएट एंड चेंज’’ के तहत मुख्यमंत्री के समक्ष अपने तकनीकी प्रोटोटाइप के लाइव प्रदर्शन प्रस्तुत किए। इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को एक साझा मंच पर लाकर दिल्ली की वास्तविक नागरिक एवं शहरी चुनौतियों के लिए तकनीक आधारित समाधान विकसित करना है।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने सचिवालय में ‘दिल्ली नेक्स्ट – कोड, क्रिएट ऐंड चेंज’ कार्यक्रम की शुरुआत की।

उन्होंने कहा, “ भविष्य की सरकारें केवल प्रशासन नहीं चलाएंगी, बल्कि डेटा, एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), डिजिटल नवाचार और नागरिक सहभागिता के माध्यम से अधिक प्रभावी, पारदर्शी और उत्तरदायी शासन प्रदान करेंगी। ‘दिल्ली नेक्स्ट’ उसी भविष्य की दिशा में दिल्ली सरकार का एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है।”

बयान के मुताबिक, यह नवोन्मेषी कार्यक्रम दिल्ली की वास्तविक नागरिक समस्याओं के समाधान खोजने पर केंद्रित रहा। प्रतिभागियों ने शहरी अवसंरचना, जलभराव, यातायात प्रबंधन, स्मार्ट पार्किंग, वायु प्रदूषण, कचरा प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहन तंत्र, नागरिक शिकायत निवारण, डिजिटल शासन और नागरिक सेवाओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार आधारित समाधान विकसित किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज शासन व्यवस्था केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि तकनीक, नवोन्मेषी और जनभागीदारी के माध्यम से समस्याओं का प्रभावी एवं स्थायी समाधान विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि ‘दिल्ली नेक्स्ट’ केवल एक ‘हैकाथॉन’ नहीं, बल्कि शासन और नवोन्मेष के बीच एक ऐसा सेतु है, जो युवाओं के विचारों को सीधे सरकारी व्यवस्था से जोड़ेगा।

गुप्ता ने कहा कि पारंपरिक ‘हैकाथॉन’ अक्सर पुरस्कार वितरण के साथ समाप्त हो जाते हैं, लेकिन ‘दिल्ली नेक्स्ट’ की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां चयनित समाधान केवल प्रदर्शित नहीं किए जाएंगे, बल्कि उन्हें संबंधित सरकारी विभागों के सहयोग से प्रायोगिक परियोजना के रूप में लागू किया जाएगा। सफल मॉडलों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी कार्यप्रणाली में एकीकृत किया जाएगा, जिससे नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिल सके।

बयान के मुताबिक, पहले चरण में जागरूकता और जनसंपर्क अभियान के माध्यम से देशभर के एक करोड़ से अधिक युवाओं तक इसकी पहुंच बनाई गई। दूसरे चरण में 2.5 लाख से अधिक युवाओं ने पंजीकरण कराया। इनमें से प्राप्त 5,000 से अधिक तकनीकी प्रस्तावों का विशेषज्ञों की समिति ने विस्तृत मूल्यांकन किया और अगले दौर के लिए 1,000 प्रतिभागियों का चयन किया। अंतिम चरण में देशभर से चुनी गई शीर्ष 60 टीमों ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने नवाचारों का प्रदर्शन किया।

भाषा नोमान

नोमान अविनाश

अविनाश

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