भारत एआई प्रतिभा को वापस लाने, पलायन रोकने की कोशिश कर रहा: नीलकंठ मिश्रा

Ads

भारत एआई प्रतिभा को वापस लाने, पलायन रोकने की कोशिश कर रहा: नीलकंठ मिश्रा

  •  
  • Publish Date - July 2, 2026 / 10:26 PM IST,
    Updated On - July 2, 2026 / 10:26 PM IST

मुंबई, दो जुलाई (भाषा) प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य नीलकंठ मिश्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत का अपने प्रौद्योगिकी परिवेश बनाने का मकसद विदेशों में नई प्रोद्योगिकी पर काम कर रहे भारतीय प्रतिभा को वापस लाना या कम-से-कम प्रतिभा पलायन को रोकना है।

भारतीय सेमीकंडक्टर मिशन की परामर्श समिति के सदस्य की भी भूमिका निभा रहे मिश्रा ने कहा, ‘‘…चिप डिजाइन का ज्यादातर काम प्रतिभा पर निर्भर करता है। ‘लार्ज लैंग्वेज मॉडल’ बनाने का काम भी प्रतिभा और बेहतरीन इंजीनियरों को लाने पर निर्भर करता है।’’

डिजाइन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना में दस गुना बढ़ोतरी के जरिये दिए जा रहे प्रोत्साहन का संकेत देते हुए मिश्रा ने कहा कि 40 से 45 साल की उम्र का कोई व्यक्ति, जिसने दुनिया के दूसरे हिस्सों में बच्चों के लिए काफी पैसा कमा लिया है, उसे यहां मिल रहे लाभ को देखते हुए वापस लौटने का मन बनाना चाहिए।

उन्होंने भरोसा जताया कि हजारों लोग वापस आने को तैयार होंगे।

मिश्रा ने आईएएमएआई द्वारा ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काउंसिल ऑफ इंडिया’ शुरू किये जाने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘…हमारी प्राथमिकता जोखिम पूंजी परिवेश को तेजी से विकसित करने की होनी चाहिए। इससे प्रतिभा की वापसी होगी या कम-से-कम प्रतिभा पलायन रुकेगा।’’

उन्होंने कहा कि भारत को वेफर बनाने जिसमें बहुत कम रिटर्न मिलता है, के बजाय सेमीकंडक्टर क्षेत्र में डिजाइन जैसे दूसरे पहलुओं पर ध्यान देना चाहिए। इसका कारण चिप के मूल्य में 60 प्रतिशत बढ़ोतरी डिजाइन के स्तर पर ही होती है।

भाषा रमण अजय

अजय