Delhi Noise Pollution Rules: पब-बार ही नहीं, अब घरों में भी शोर करना पड़ेगा भारी, 72 घंटे में होगी कार्रवाई और सीधे जब्त होंगे लाउडस्पीकर, राजधानी में नया नियम लागू
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Delhi Noise Pollution Rules: पब-बार ही नहीं, अब घरों में भी शोर करना पड़ेगा भारी, 72 घंटे में होगी कार्रवाई और सीधे जब्त होंगे लाउडस्पीकर, राजधानी में नया नियम लागू
Delhi Noise Pollution Rules: नई दिल्ली: राजधानी में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर सख्त लगाम लगाने के लिए Delhi Pollution Control Committee (DPCC) ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू कर दी है। अब शहर में शोर मचाना आसान नहीं होगा, क्योंकि नियमों के उल्लंघन पर केवल चालान ही नहीं, बल्कि लाउडस्पीकर और म्यूजिक सिस्टम तक जब्त किए जा सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक यह नई SOP तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है। दिल्ली में पहले से सक्रिय 22 रियल-टाइम मॉनिटरिंग स्टेशन शोर के स्तर पर नजर रख रहे हैं, जो अब इस सख्ती को और प्रभावी बनाएंगे।
क्या है नई SOP?
72 घंटे में कार्रवाई अनिवार्य: किसी भी शोर की शिकायत मिलने पर DPCC टीम को 72 घंटे के भीतर मौके पर पहुंचकर जांच करनी होगी। जांच केवल एक स्थान तक सीमित नहीं होगी, बल्कि आसपास के क्षेत्र में भी शोर का स्तर मापा जाएगा।
उपकरण तुरंत होंगे जब्त: यदि शोर तय मानकों से अधिक पाया गया, तो SDM और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लाउडस्पीकर, म्यूजिक सिस्टम या अन्य शोर पैदा करने वाले उपकरण तुरंत सीज कर दिए जाएंगे।
पारदर्शी जांच प्रक्रिया: जांच अधिकारी को शिकायतकर्ता की मौजूदगी में रिपोर्ट तैयार करनी होगी। साथ ही कार्रवाई की पूरी जानकारी शिकायतकर्ता को देना अनिवार्य होगा, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
भारी जुर्माने का प्रावधान: नियमों का उल्लंघन करने पर पर्यावरण जुर्माना लगाया जाएगा, जो पहले की तुलना में अधिक सख्त हो सकता है।
हर क्षेत्र में लागू नियम: यह सख्ती केवल पब, बार या रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रिहायशी, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सभी इलाकों में लागू होगी।
क्यों जरूरी है यह कदम?
शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने और लोगों को शांत वातावरण देने के लिए यह कदम उठाया गया है। लंबे समय से शोर को लेकर शिकायतें बढ़ रही थीं, जिन पर अब सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। नई SOP के लागू होने के बाद अब दिल्ली में नियमों का उल्लंघन करना महंगा पड़ सकता है। ऐसे में आम लोगों से अपील की गई है कि वे निर्धारित ध्वनि मानकों का पालन करें, ताकि अनावश्यक कार्रवाई और जुर्माने से बचा जा सके।