नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय से अगवा किए गए डेढ़ साल के एक बच्चे को एक महीने तक चले बहु-राज्यीय तलाशी अभियान के बाद बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच के दौरान कथित बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश हुआ और आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, जांचकर्ताओं ने सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी, अपहरणकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए गए रास्तों का पता लगाया और कई स्थानों पर समन्वित छापेमारी की, जिसके बाद यह सफलता मिली।
रेलवे के पुलिस उपायुक्त आर. भारत रेड्डी ने एक बयान में बताया, “बच्चे का 24 मई को स्टेशन के अजमेरी गेट की ओर स्थित प्रतीक्षालय से कथित तौर पर उस समय अपहरण किया गया था, जब वह अपनी मां के पास सो रहा था।”
अधिकारी ने बताया कि 26 वर्षीय एक महिला अपने पति से अलग होने के बाद अपने बेटे के साथ स्टेशन परिसर में रह रही थी और सुबह करीब साढ़े छह बजे जब वह सोकर उठी तो उसने पाया कि बच्चा गायब है।
उन्होंने बताया कि महिला ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया।
अधिकारी ने बताया, “बच्चे की उम्र और तस्करी की आशंका के मद्देनजर एक विशेष टीम बनाई गई और गहन जांच शुरू की गई।”
पुलिस ने सबसे पहले रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाली और बच्चे को ले जाते हुए तीन संदिग्धों की पहचान की।
उन्होंने बताया कि इसके बाद टीम ने स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र में उनकी गतिविधियों का पता लगाया और देखा कि वे बैटरी से चलने वाले रिक्शे में सवार हुए थे।
अधिकारी के मुताबिक, ई-रिक्शा चालक ने पुलिस को बताया कि तीनों आरोपी बच्चे को लेकर मोरी गेट पर उतरे और वहां से ऑटो-रिक्शा लेकर शास्त्री पार्क गए तथा इसके बाद वे गाजियाबाद के कासिम विहार पहुंचे।
उन्होंने बताया कि जांच टीम ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से गाजियाबाद तक करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, ताकि आरोपियों द्वारा अपनाए गए रास्ते का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद और हरिद्वार में लापता बच्चे और संदिग्धों की तस्वीरों वाले पोस्टर भी लगाए।
अधिकारी ने बताया कि जांच में आखिरकार एक संगठित बाल तस्करी गिरोह का खुलासा हुआ।
अधिकारी के मुताबिक, “एक साथ कई जगहों पर छापेमारी की गई, जिसके बाद आठ आरोपियों शिवा उर्फ गौरव, धर्मेंद्र, आकिल, प्रीति शर्मा, पूजा, आरती, विशाल और जिया को गिरफ्तार किया गया।”
पुलिस के अनुसार, जिया, विशाल व शिवा ने बच्चे के अपहरण को कथित रूप से अंजाम दिया और ऐसे लोगों के रूप में काम किया जो कमजोर बच्चों को निशाना बनाकर उन्हें तस्करों तक पहुंचाते थे।
पुलिस ने बताया कि अपहृत बच्चे को खरीदने में बहनें आरती व पूजा शामिल थीं जबकि धर्मेंद्र, उसकी पत्नी प्रीति और अकिल ने कथित रूप से इस लेन-देन में मदद की।
पुलिस के अनुसार, अकिल पर आरोप है कि उसने साजिश के तहत खुद को बच्चे का पिता बताकर पेश किया।
पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए बच्चे का पता आखिरकार लगा लिया गया और उसे आरती व पूजा के कब्जे से सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, बच्चे को चिकित्सकीय जांच, सुरक्षा और देखभाल के लिए ‘मातृ छाया’ की निगरानी में रखा गया है।
पुलिस ने बताया कि इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे परिवार को सौंपा जाएगा।
भाषा जितेंद्र रंजन
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