नयी दिल्ली, 23 सितंबर (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी से कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना के दो दिन बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी में संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों पर गश्त और निगरानी बढ़ा दी है और पुलिस का ध्यान पार्कों, अंधेरे एवं सुनसान स्थानों, सबवे, फुट ओवरब्रिज व महिलाओं तथा अन्य लोगों की सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील इलाकों पर केंद्रित है।
अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली पुलिस के मध्य रेंज ने मंगलवार और बुधवार को चिन्हित सार्वजनिक स्थानों पर समन्वित घेराबंदी एवं तलाश अभियान (सीएएसओ) चलाया, जिसके दौरान दिल्ली आबकारी अधिनियम, सीओटीपीए, जुआ अधिनियम, बीएनएसएस और पॉक्सो अधिनियम और दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत 379 लोगों को पकड़ा गया।
उन्होंने कहा कि ये अभियान पुलिस की मौजूदगी को बढ़ाने, गैरकानूनी गतिविधियों को रोकने और उन सार्वजनिक स्थानों को वापस सुरक्षित बनाने के निरंतर प्रयास का हिस्सा हैं, जो असामाजिक तत्वों या आदतन अपराधियों के अतिक्रमण के प्रति संवेदनशील हो सकते हैं।
यह कदम सोमवार शाम कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद उठाया गया है।
इस घटना ने सार्वजनिक पार्कों और अन्य सुनसान इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था, रोशनी और पुलिस की मौजूदगी की ओर फिर से ध्यान आकर्षित किया है।
मध्य रेंज में अभियान के दौरान, पुलिस टीम ने व्यवस्थित रूप से पार्कों और अन्य संवेदनशील स्थानों की जांच की। दरियागंज में पांच पार्कों की जांच की गई और दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 65 के तहत 66 व्यक्तियों को पकड़ा गया, जबकि जामा मस्जिद क्षेत्र में कई पार्कों और सार्वजनिक स्थानों की जांच की गई, जिसके बाद भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत 45 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
कमला मार्केट क्षेत्र में मिंटो रोड कॉम्प्लेक्स पार्क, शिवाजी पार्क, डीबीजी पार्क, नेहरू पार्क और शास्त्री पार्क सहित कई पार्कों की जांच की गई। दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत 60 लोगों को हिरासत में लिया गया, तीन वाहन जब्त किए गए और दिल्ली आबकारी अधिनियम तथा बीएनएसएस के तहत आगे की कार्रवाई की गई।
पटेल नगर में पांच पार्कों की जांच की गई और आबकारी अधिनियम, बीएनएसएस व दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत 82 व्यक्तियों को पकड़ा गया। प्रसाद नगर में जुआ अधिनियम और आबकारी अधिनियम के साथ-साथ दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत 23 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन समन्वित अभियानों के दौरान खराब चरित्र (बीसी) के 33 लोगों की भी जांच की गई।
पुलिस दल सार्वजनिक स्थलों का सुरक्षा ऑडिट भी कर रहे हैं, ताकि बुनियादी ढांचे से जुड़ी कमियों की पहचान की जा सके। इनमें अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, अंधेरे और सुनसान स्थान, टूटी हुई बाड़ें, अतिक्रमण और निकास मार्ग तथा अपर्याप्त सुरक्षा वाले सबवे और फुट ओवरब्रिज शामिल हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इस सघन अभियान में महिला सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। उत्तर जिले के महिला पुलिस थाने में 18 अतिरिक्त महिला कांस्टेबलों को तैनात किया गया है, जबकि पिंक स्कूटर पर महिलाओं के नेतृत्व वाले ‘झांसी’ गश्ती दल संवेदनशील क्षेत्रों में गहन गश्त कर रहे हैं।
शैक्षणिक संस्थानों और महिलाओं के आवागमन वाले अन्य क्षेत्रों के आसपास भी पुलिस की तैनाती बढ़ाई जा रही है।
उत्तर परिसर में पिंक बूथों, कॉलेज के द्वारों और आसपास की सड़कों पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि छात्राओं को किसी भी सुरक्षा संबंधी चिंता को लेकर पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी तरह, शाम के समय कनॉट प्लेस, मुखर्जी नगर, प्रीत विहार, लक्ष्मी नगर और महरौली सहित अन्य क्षेत्रों में गश्त के लिए महिला कर्मियों को तैनात किया गया है।
मध्य रेंज के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) मधुर वर्मा ने कहा, “हमारा उद्देश्य बहुत स्पष्ट है – सार्वजनिक स्थान जनता के हैं और उन्हें असामाजिक तत्वों या गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के दबदबे वाले स्थान नहीं बनने दिया जा सकता। वर्तमान कवायद केवल एक दिन का जांच अभ्यास नहीं है। यह मध्य रेंज के तहत आने वाले हर सार्वजनिक स्थान पर व्यवस्था, सुरक्षा और विश्वास बहाल करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा एक निरंतर क्षेत्र-प्रभुत्व कार्यक्रम है।”
वर्मा ने कहा, “जहां कहीं भी कमियों के लिए नागरिक एजेंसियों के हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी, वहां संबंधित विभागों को विशिष्ट सिफारिशें भेजी जाएंगी। हम इस सघन अभ्यास को तब तक जारी रखेंगे जब तक कि सभी चिन्हित सार्वजनिक स्थानों की व्यवस्थित रूप से जांच न हो जाए। हमारा ध्यान निरंतर पुलिस की मौजूदगी, रोकथाम और कानून का पालन करने वाले नागरिकों के लिए सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने पर है। सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा और विश्वास विशेष प्राथमिकता बना रहेगा।”
भाषा नोमान
नोमान पवनेश
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