नयी दिल्ली, 12 मार्च (भाषा) दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के मटियाला इलाके में एक बड़ा विस्फोट उस वक्त टल गया, जब दिल्ली पुलिस के एक हेड कांस्टेबल ने सीएनजी से चलने वाली एक बंद कार की खिड़की तोड़कर उसे भीषण आग से दूर हटा दिया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
मानसराम पार्क इलाके में बुधवार देर रात एक झुग्गी बस्ती में आग लग गई। भीषण आग के कारण 400 से अधिक झुग्गियां नष्ट हो गईं।
पुलिस उपायुक्त (पीसीआर) पवन कुमार के अनुसार, बिंदापुर पुलिस थाने को रात 11.57 बजे आग लगने की सूचना मिली। स्थानीय पुलिस दल और पीसीआर इकाइयां निवासियों को सुरक्षित निकालने में सहायता के लिए मौके पर पहुंचीं।
बचाव अभियान के दौरान, हेड कांस्टेबल रामरतन सरन ने फैलती हुई आग के बिल्कुल पास खड़ी एक बंद कार को देखा।
वाहन में सीएनजी किट लगी होने और अत्यधिक गर्मी के कारण विस्फोट का खतरा होने का एहसास होने पर, अधिकारी ने पत्थर से कार का शीशा तोड़ दिया और उसे एक सुरक्षित स्थान पर ले गए।
सरन ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘आग गाड़ी के बहुत करीब तक पहुंच गई थी। यह एक नई सीएनजी कार थी और गैस भरी थी। चूंकि गाड़ी लॉक थी, इसलिए मैंने खिड़की तोड़कर उसे दूर हटाया।’’
पुलिस उपायुक्त (द्वारका) कुशलपाल सिंह ने कहा कि अधिकारी के समय पर हस्तक्षेप से एक बड़ी घटना टल गई।
बाद में दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल पर घटना के दृश्य साझा किए और हेड कांस्टेबल की ‘विवेकपूर्ण कार्रवाई’ की प्रशंसा की।
दिल्ली पुलिस ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘बिंदापुर की झुग्गी बस्ती में लगी आग के दौरान, घटनास्थल पर मौजूद पीसीआर यूनिट में तैनात हेड कांस्टेबल रामरतन सरन ने आग के बेहद करीब खड़ी एक कार को देखा और विस्फोट की आशंका को भांपते हुए कार का शीशा तोड़ दिया और वाहन को समय रहते हटा दिया। इस सूझबूझपूर्ण कार्रवाई से एक बड़ी दुर्घटना टल गई।’
अधिकारियों के अनुसार, आग में 400 से अधिक झोपड़ियां नष्ट हो गईं, जबकि पुलिस और दिल्ली अग्निशमन सेवा के संयुक्त प्रयासों से 300 अन्य ढांचे बचा लिये गए। स्थिति पर काबू पाने के लिए 28 से अधिक दमकल गाड़ियां लगाई गईं।
इस घटना में किसी के घायल होने या हताहत होने की कोई खबर नहीं है। आग को आसपास की दुकानों और घरों तक फैलने से पहले ही इलाके के सभी निवासियों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। आग को पूरी तरह बुझाने से पहले कई घंटों तक शीतलन प्रक्रिया जारी रही।
भाषा तान्या सुरेश
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