नयी दिल्ली, एक नवंबर (भाषा) दिल्ली में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने दो साल पहले हुई एक सड़क दुर्घटना में 70 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता का शिकार हुए एक व्यक्ति को 75.67 लाख रुपये का मुआवजा दिए जाने का आदेश दिया है।
पीठासीन अधिकारी शेली अरोड़ा इस संबंध में अनिल नामक व्यक्ति द्वारा दायर मामले की सुनवाई कर रही थीं। 21 अगस्त, 2023 को अनिल की स्कूटी को एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी थी जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थीं।
न्यायाधिकरण ने 30 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा कि दुर्घटना के समय अनिल की आयु 23 वर्ष थी और चोट के कारण उसे अत्यधिक शारीरिक एवं भावनात्मक आघात पहुंचा जिसका असर उसके पूरे जीवन पर पड़ा।
सरिता विहार मेट्रो स्टेशन के पास हुई इस सड़क दुर्घटना में अनिल हमेशा के लिए दिव्यांगता के शिकार हो गए।
स्कूटी पर अनिल के साथ उनके दो दोस्त, कृष्णन गोपाल और केतन कुमार सवार थे। दुर्घटना में गोपाल की मौत हो गई और केतन घायल हो गए।
न्यायाधिकरण ने अपने समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों पर गौर करते हुए कहा, “इस प्रकार यह माना जाता है कि दुर्घटना ट्रक चालक की लापरवाही एवं तीव्र गति से वाहन चलाने के कारण हुई।”
इसने कहा कि बीमाकर्ता न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 75.67 लाख रुपये की राशि जमा करनी होगी।
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
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