दिल्ली: जबरन वसूली गिरोह चलाने के आरोप में महिला और उसका सहयोगी गिरफ्तार

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दिल्ली: जबरन वसूली गिरोह चलाने के आरोप में महिला और उसका सहयोगी गिरफ्तार

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  • Publish Date - March 26, 2026 / 05:08 PM IST,
    Updated On - March 26, 2026 / 05:08 PM IST

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) दिल्ली पुलिस ने एक 44 वर्षीय महिला और उसके सहयोगी को मोहपाश और जबरन वसूली गिरोह चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी पीड़ितों पर आपराधिक मामले दर्ज करा कर उन पर समझौता करने के लिए दबाव डालते थे।

एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि दरियागंज निवासी आरोपी महिला और उसके साथी, न्यू उस्मानपुर निवासी यशदेव सिंह चौहान (44) को सेना के एक सेवानिवृत्त कैप्टन द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, महिला ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर शिकायतकर्ता से संपर्क किया और उसके उपन्यासों के प्रचार के लिए पेशेवर सेवाएं देने का वादा किया। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता को वित्तीय लेन-देन करने के लिए प्रेरित किया। बाद में उसने विवाद खड़ा किया और महरौली थाने में उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया।

पुलिस ने बताया कि गंभीर आरोपों में 2021 में दर्ज प्राथमिकी को 25 फरवरी, 2025 को उच्चतम न्यायालय ने रद्द कर दिया और कहा कि यह कार्यवाही कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

अधिकारी ने कहा, ‘सेवानिवृत्त अधिकारी की शिकायत के आधार पर महरौली थाने में एक नया मामला दर्ज किया गया जिसमें एक सहयोगी की मिलीभगत से जबरन वसूली का आरोप लगाया गया है।’

जांच के दौरान, अपराध शाखा को पता चला कि महिला ने कथित तौर पर दिल्ली के विभिन्न थानों में नौ प्राथमिकियां दर्ज कराई थीं। इनमें से तीन बलात्कार से संबंधित थीं, जबकि छह छेड़छाड़ और आपराधिक धमकी से जुड़ी थीं।

उन्होंने कहा कि कई पीड़ितों ने बयान दिए जिसमें कहा गया है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद पैसे के बदले मामले के निपटान के लिए मध्यस्थों का इस्तेमाल किया जाता था।

पुलिस ने बताया कि महिला का सहयोगी चौहान खुद को वकील बताता था, लेकिन वह पिछले 12 वर्षों से कड़कड़डूमा अदालत में एक वकील के साथ क्लर्क के रूप में काम कर रहा था।

अधिकारी ने बताया, ‘एक पेन ड्राइव मिली है जिसमें समझौते की बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग है और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है जिसमें आपत्तिजनक बातचीत है जिसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। दोनों आरोपियों के आवाज के नमूने भी एकत्र कर फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में भेज दिए गए हैं।’

अन्य संभावित पीड़ितों की पहचान करने और कथित गिरोह से जुड़े लोगों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

भाषा नोमान नोमान नरेश

नरेश