डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिली

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिली

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 21 दिन की फरलो मिली
Modified Date: August 25, 2026 / 10:40 am IST
Published Date: August 25, 2026 10:40 am IST

चंडीगढ़, 25 अगस्त (भाषा) दुष्कर्म के मामले में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह मंगलवार सुबह 21 दिन की फरलो पर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आया। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह 17वीं बार है, जब वह जेल से बाहर आया है।

राम रहीम अपनी दो शिष्याओं से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की जेल की सजा काट रहा है और हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद है।

सूत्रों के अनुसार, फरलो की अवधि के दौरान वह सिरसा स्थित अपने डेरा मुख्यालय में रहेगा।

दोषी ठहराए जाने के बाद से उसे असामान्य रूप से कई बार फरलो और पैरोल मिल चुकी है। इस साल ही वह तीसरी बार जेल से बाहर आया है।

उसे जनवरी में 40 दिन और मई में 30 दिन की पैरोल दी गई थी।

अगस्त 2025 में वह 40 दिन की पैरोल और अप्रैल 2025 में 21 दिन की फरलो पर बाहर आया था। जनवरी 2025 में उसे पांच फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 30 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था।

पांच अक्टूबर 2024 को होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले, एक अक्टूबर 2024 को वह 20 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था।

अगस्त 2024 में राम रहीम को 21 दिन की फरलो दी गई थी। इससे पहले उसे सात फरवरी 2022 से तीन सप्ताह की फरलो भी दी गई थी, जो पंजाब विधानसभा चुनाव से महज दो सप्ताह पहले थी।

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) जैसे सिख संगठनों ने राम रहीम को बार-बार मिल रही इस राहत की आलोचना की है।

मार्च में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 2002 में एक पत्रकार की हत्या के मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था। इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके सात साल बाद उच्च न्यायालय ने उसे बरी किया।

मई 2024 में उच्च न्यायालय ने एक अन्य विशेष सीबीआई अदालत के आदेश को पलटते हुए डेरा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की 2002 में हुई हत्या के मामले में राम रहीम और चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था।

डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय सिरसा में है और हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान में इसके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं।

हरियाणा में इसके सबसे अधिक अनुयायी सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार जैसे जिलों में हैं।

भाषा गोला वैभव

वैभव


लेखक के बारे में