आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र राकेश गंगवाल ने मेडिकल स्कूल के लिए 300 करोड़ रुपये देने का वादा किया
आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र राकेश गंगवाल ने मेडिकल स्कूल के लिए 300 करोड़ रुपये देने का वादा किया
कानपुर (उप्र), 25 अगस्त (भाषा) भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के पूर्व छात्र एवं इंडिगो के सह-संस्थापक राकेश गंगवाल ने संस्थान में ‘गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी’ के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई है।
आईआईटी कानपुर की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह योगदान गंगवाल द्वारा 2022 में दिए गए 100 करोड़ रुपये के दान के बाद किया जा रहा है। उस योगदान से संस्थान में चिकित्सा विद्यालय स्थापित करने की योजना को गति मिली थी और नए योगदान के साथ स्कूल के लिए गंगवाल की कुल वित्तीय सहायता 400 करोड़ रुपये हो जाएगी।
इस पहल के तहत गंगवाल अन्य सहयोगियों, पूर्व छात्रों और शुभचिंतकों से मिलने वाले योगदान के बराबर 300 करोड़ रुपये तक की राशि भी देंगे। इस राशि का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, चिकित्सकीय नवाचार और चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आईआईटी कानपुर के प्रयासों को व्यापक समर्थन देना है।
स्कूल की विकास योजना में आईआईटी परिसर में 500 बिस्तर वाला सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल और प्रस्तावित 200 बिस्तर वाला कैंसर उपचार एवं अनुसंधान केंद्र भी शामिल है। इन सुविधाओं से चिकित्सा शिक्षा, चिकित्सकीय अनुसंधान और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। साथ ही, चिकित्सकों, शोधकर्ताओं, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को मिलकर काम करने का अवसर मिलेगा।
आईआईटी कानपुर के निदेशक मणींद्र अग्रवाल ने कहा, “इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी और चिकित्सा के क्षेत्र में अंतर्विषयक अनुसंधान की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए आईआईटी कानपुर ने चिकित्सा विद्यालय स्थापित करने की पहल की थी। वर्ष 2022 में गंगवाल के 100 करोड़ रुपये के योगदान से इस योजना को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिली। उनका 300 करोड़ रुपये का यह अतिरिक्त योगदान इस सपने को जल्द साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”
गंगवाल स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी के नवनियुक्त डीन अनिल के लालवानी ने कहा, “गंगवाल का यह ऐतिहासिक योगदान इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति भी बदलाव की बड़ी शुरुआत कर सकता है। चिकित्सा, प्रौद्योगिकी और नवाचार को समाज की सेवा के लिए एक साथ लाने की इस स्कूल की परिकल्पना का दूरगामी प्रभाव पड़ेगा।”
राकेश गंगवाल ने कहा, “इस अभिनव और अपनी तरह के पहले चिकित्सा संस्थान का हिस्सा बनना मेरे लिए सम्मान और गर्व की बात है।”
भाषा सं आनंद वैभव खारी
खारी

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