गुजरात: भावनगर जहरीली शराब कांड में 13 और आरोपी गिरफ्तार

गुजरात: भावनगर जहरीली शराब कांड में 13 और आरोपी गिरफ्तार

गुजरात: भावनगर जहरीली शराब कांड में 13 और आरोपी गिरफ्तार
Modified Date: August 25, 2026 / 11:40 am IST
Published Date: August 25, 2026 11:40 am IST

भावनगर, 25 अगस्त (भाषा) गुजरात पुलिस ने भावनगर जहरीली शराब कांड में 13 और लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक मध्यप्रदेश निवासी भी शामिल है, जिस पर जहरीली शराब तैयार करने में अहम भूमिका निभाने का आरोप है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

इन गिरफ्तारियों के साथ ही पिछले सप्ताह सामने आए इस कांड में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है।

गुजरात में शराब के निर्माण, बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध है।

एक लोकप्रिय, भारत निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) ब्रांड के लेबल वाली बोतलों में पैक जहरीली शराब पीने से 13 लोगों की मौत हो गई थी।

अधिकारियों के अनुसार, कुल 67 लोगों ने यह शराब पी थी, जिसमें मेथनॉल नामक अत्यंत जहरीला रसायन मिला हुआ था।

पुलिस की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, “पहले गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ के बाद पुलिस के राज्य निगरानी प्रकोष्ठ (एसएमसी) ने रविवार को 13 और आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्हें दो सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।”

गिरफ्तार किए गए ज्यादातर लोग भावनगर के निवासी हैं। मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के निवासी आनंद छांदी को कथित तौर पर नकली शराब तैयार करने के लिए उज्जैन से भावनगर लाया गया था।

पुलिस के अनुसार, इस साजिश में उसकी “अहम भूमिका” थी। उसने शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की खरीद में भी अहम भूमिका निभाई थी।

जांच के दौरान एसएमसी ने जहरीले रसायन वाली शराब की बोतलें भी जब्त की हैं।

विज्ञप्ति के अनुसार, साक्ष्य जुटाने के लिए एसएमसी की 16 टीम दिल्ली, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात में जांच कर रही हैं।

पुलिस मेथनॉल और अन्य रसायनों के स्रोत का पता लगाने के साथ ही उन्हें भावनगर तक पहुंचाने वाले ट्रांसपोर्टर और जहरीली शराब बनाने में इस्तेमाल कच्चे माल की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों की भी जांच कर रही है।

पुलिस के अनुसार, यह जहरीली शराब कथित तौर पर मध्यप्रदेश के उज्जैन से पकड़े गए रईस की मदद से भावनगर के वरतेज निवासी गौतम सोलंकी के घर पर तैयार की गई थी।

इसके बाद शराब को एक आईएमएफएल ब्रांड के लेबल लगी बोतलों में भरकर और सील करके वितरण के लिए अवैध शराब विक्रेताओं को दिया गया था। मामला 16 अगस्त की रात सामने आया, जब वरतेज में तीन दोस्तों की शराब पीने के बाद तबीयत बिगड़ गई और उनमें से एक की मौत हो गई।

मृतक उपेंद्रसिंह गोहिल के खून के नमूने की जांच में मेथनॉल मिला। इसके बाद मौत की अन्य सूचनाएं मिलीं तथा कई अन्य को गंभीर जटिलताओं के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया।

फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की जांच में शराब में 38.59 प्रतिशत मेथनॉल और 0.94 प्रतिशत एथनॉल पाया गया।

भाषा खारी मनीषा

मनीषा


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