विकसित भारत सिर्फ आर्थिक आकांक्षा नहीं बल्कि राष्ट्रीय मिशन है: भाजपा उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी

विकसित भारत सिर्फ आर्थिक आकांक्षा नहीं बल्कि राष्ट्रीय मिशन है: भाजपा उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी

विकसित भारत सिर्फ आर्थिक आकांक्षा नहीं बल्कि राष्ट्रीय मिशन है: भाजपा उपाध्यक्ष लक्ष्मीकांत बाजपेयी
Modified Date: July 9, 2026 / 08:06 pm IST
Published Date: July 9, 2026 8:06 pm IST

नयी दिल्ली, नौ जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘विकसित भारत’ सिर्फ एक आर्थिक आकांक्षा नहीं है बल्कि एक राष्ट्रीय मिशन है।

बाजपेयी ‘विकसित भारत के लिए शिक्षा: बदलाव के साथ आकांक्षाओं के लिए सेतु’ विषय पर ‘एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया’ (एसोचैम) द्वारा आयोजित 18वें राष्ट्रीय शिक्षा नेतृत्व एवं कौशल विकास सम्मेलन 2026 को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा, ‘‘ विकसित भारत सिर्फ़ आर्थिक तरक्की की चाहत नहीं है। यह ज्ञान, नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी और हमारे सभ्यतागत मूल्यों पर आधारित एक राष्ट्रीय मिशन है। शिक्षा का मकसद विद्यार्थियों को सिर्फ यह सिखाना नहीं होना चाहिए कि क्या सोचना है, बल्कि यह भी सिखाना चाहिए कि कैसे सोचना है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसे शिक्षा को रोज़गार से, अनुसंधान को समाज की ज़रूरतों से और नवोन्मेष को उद्यमिता से जोड़ना चाहिए। एक विकसित भारत का निर्माण सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही किया जा सकता है।’’

बाजपेयी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि शिक्षा का मकसद सिर्फ़ डिग्री देना नहीं, बल्कि नवोन्मेषक, उद्यमी और ज़िम्मेदार नागरिक तैयार करना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए शिक्षा को सीखने की प्रक्रिया को रोज़गार, नवोन्मेष और राष्ट्र-निर्माण से जोड़ना होगा।

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि एक विकसित भारत का निर्माण सरकार, शिक्षा जगत, उद्योग और समाज के सामूहिक प्रयासों से ही संभव है, जिसमें शिक्षा भविष्य के लिए मेधा को तैयार करने की नींव का काम करेगी।

भाषा राजकुमार शोभना

शोभना


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