नयी दिल्ली, 18 सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को बार के युवा सदस्यों से कहा कि जब तक वे वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ प्रैक्टिस नहीं करेंगे, तब तक उन्हें इस पेशे की बारीकियों का पता नहीं चलेगा।
न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि युवा वकीलों को यह पता होना चाहिए कि अदालत में क्या बोलना है और क्या नहीं।
मामले में न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा, ‘‘आज मुझे पता चला है कि कुछ युवा बिना किसी प्रशिक्षण के सीधे अपना कार्यालय शुरू कर रहे हैं। यह बिल्कुल अच्छी बात नहीं है। जब तक आप वरिष्ठ वकीलों के साथ प्रैक्टिस नहीं करेंगे, तब तक आप वकालत के वास्तविक गुर नहीं सीख पाएंगे।’’
मुंबई उच्च न्यायालय के एक आदेश से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही पीठ ने यह टिप्पणी की।
न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा कि बार के युवा सदस्यों को वरिष्ठ अधिवक्ताओं के पास जाना चाहिए, जो उन्हें मार्गदर्शन देंगे।
अधिवक्ता के तौर पर अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा, ‘‘देखिए, पहले हम सभी अपने वरिष्ठों के साथ प्रशिक्षण लेते थे। फिर हमने अपना कार्यालय शुरू किया। उसके बाद धीरे-धीरे आगे बढ़े।’’
भाषा नेत्रपाल नरेश
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