मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ व्यक्ति की याचिका पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई का निर्देश

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मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ व्यक्ति की याचिका पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई का निर्देश

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  • Publish Date - April 27, 2026 / 06:57 PM IST,
    Updated On - April 27, 2026 / 06:57 PM IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को अपीलीय न्यायाधिकरण को उस व्यक्ति की याचिका पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करने और फैसला लेने का निर्देश दिया, जिसने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अपना नाम हटाए जाने को चुनौती दी है।

प्रधान न्यायाधीश सू्र्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने पश्चिम बंगाल के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में याचिकाकर्ता का नाम बहाल करने का निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला पारित किया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान 23 अप्रैल को हुआ, जबकि दूसरे चरण के लिए वोट 29 अप्रैल को डाले जाएंगे। वोटों की गिनती चार मई को होगी।

पीठ ने कहा, “एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से अपना नाम हटाए जाने से व्यथित याचिकाकर्ता ने दो अप्रैल 2026 को अपीलीय न्यायाधिकरण से संपर्क किया था। हम इस रिट याचिका का निपटारा करते हुए अपीलीय न्यायाधिकरण से अनुरोध करते हैं कि वह याचिकाकर्ता की अपील पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करे और जल्द से जल्द निर्णय ले।”

शीर्ष अदालत ने 24 अप्रैल को सभी अपीलीय न्यायाधिकरणों से कहा था कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ जिन लोगों की अर्जी पर तत्काल सुनवाई का मामला बनता है, उनकी याचिका पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जाए।

भाषा पारुल वैभव

वैभव