‘ग्लोबल अय्यप्पा संगम’ की ऑडिट रिपोर्ट में पाई गईं ‘विसंगतियों’ को दूर किया जाएगा: टीडीबी अध्यक्ष

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‘ग्लोबल अय्यप्पा संगम’ की ऑडिट रिपोर्ट में पाई गईं ‘विसंगतियों’ को दूर किया जाएगा: टीडीबी अध्यक्ष

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  • Publish Date - February 17, 2026 / 04:56 PM IST,
    Updated On - February 17, 2026 / 04:56 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 17 फरवरी (भाषा) टीडीबी अध्यक्ष के. जयकुमार ने मंगलवार को कहा कि ‘ग्लोबल अय्यप्पा संगम’ की ऑडिट रिपोर्ट में पाई गईं ‘‘विसंगतियां’’ लेखापरीक्षक के प्रश्नों का बोर्ड द्वारा जवाब न दिए जाने के कारण थीं और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ‘इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन’ (आईआईआईसी) ने काम के लिए 7.04 करोड़ रुपये के व्यय का दावा किया था, लेकिन त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) ने अपने पूर्व अध्यक्ष पी एस प्रशांत के नेतृत्व में केवल 4.99 करोड़ रुपये का भुगतान करने का निर्णय लिया था।

जयकुमार ने यहां पत्रकारों को बताया कि पिछले बोर्ड द्वारा आईआईआईसी के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओयू) में अधिकतम लागत 8.22 करोड़ रुपये तय की गई थी और बाद में यह शर्त रखी गई थी कि व्यय 4.99 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘हम पूर्ववर्ती बोर्ड के फैसले में हस्तक्षेप करने या उसके द्वारा निर्धारित राशि को बदलने का इरादा नहीं रखते हैं।’’

टीडीबी अध्यक्ष ने कहा, ‘‘वे (आईआईआईसी) निराश हो सकते हैं, लेकिन उनके पास इसे स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।’’

यह पूछे जाने पर कि आईआईआईसी को यह काम क्यों सौंपा गया, उन्होंने कहा कि संस्थान को सरकार और ‘केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड’ (केआईआईएफबी) के लिए कार्यक्रमों के प्रबंधन का अनुभव था, संभवतः यही कारण था कि पिछले बोर्ड ने संगम के लिए इसे नियुक्त किया था।

जयकुमार ने यह भी कहा कि विभिन्न स्रोतों से अपेक्षित प्रायोजन राशि पूरी तरह से प्राप्त नहीं हुई।

केरल उच्च न्यायालय द्वारा लेखापरीक्षा रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दों और विसंगतियों का जिक्र करते हुए जयकुमार ने कहा कि इन्हें ठीक कर लिया जाएगा।

गत 11 फरवरी को, उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष आयोजित ग्लोबल अय्यप्पा संगम की लेखापरीक्षा रिपोर्ट में कई मुद्दों और ‘‘गंभीर विसंगतियों’’ का उल्लेख किया था और टीडीबी को इसके कारण स्पष्ट करने का निर्देश दिया था।

अदालत ने कहा कि त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के साथ-साथ केरल राज्य लेखापरीक्षा विभाग से भी स्पष्टीकरण और जानकारी की आवश्यकता है।

ग्लोबल अय्यप्पा संगम को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए अदालत के निर्देशानुसार ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।

भाषा

नेत्रपाल दिलीप

दिलीप