नयी दिल्ली, 19 फरवरी (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य तंत्र पर आरोप लगाया है कि उन्होंने कोयला चोरी घोटाले के संबंध में आई-पैक कार्यालय और उसके निदेशक के परिसरों पर छापेमारी के दौरान ‘‘अवैध रूप से दखल देकर सत्ता का घोर दुरुपयोग’’ किया।
जांच एजेंसी ने पश्चिम बंगाल सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया कि बनर्जी और पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के अधिकारियों को का वेश धारण किए सशस्त्र व्यक्तियों’ को अनधिकृत तलाशी लेने से रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था।
ईडी ने कहा कि उसके अधिकारियों ने आठ जनवरी को छापेमारी और तलाशी के दौरान पुलिस अधिकारियों को अपने पहचान पत्र विधिवत दिखाए थे।
ईडी ने उच्चतम न्यायालय में अपने प्रत्युत्तर में कहा, ‘‘तथ्यों का सरसरी तौर पर अध्ययन करने से ही पश्चिम बंगाल राज्य के तंत्र द्वारा सत्ता का घोर दुरुपयोग स्पष्ट होता है। राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निजी हितों के लिए धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत ईडी के अधिकारियों के कार्यों के निर्वहन में बाधा डाली।’’
राज्य सरकार के इस दावे को खारिज करते हुए कि मामला संघीय संबंधों से जुड़ा है और इस पर विचार नहीं किया जा सकता, ईडी ने कहा कि वह राज्य के पदाधिकारियों द्वारा ‘सत्ता के घोर दुरुपयोग’ और उनके द्वारा किए गए अपराधों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किये जाने का अनुरोध कर रही है।
जांच एजेंसी ने दावा किया कि पुलिस बनर्जी को उस परिसर में लेकर गई जहां तलाशी चल रही थी और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई थी।
जांच एजेंसी ने कहा, ‘‘कुछ व्यक्तियों ने ईडी अधिकारियों द्वारा एकत्र दस्तावेज ले लिए। कंप्यूटर और ईमेल डेटा के बैकअप की प्रक्रिया भी बीच में ही रोक दी गई। बनर्जी ने राज्य पुलिस अधिकारियों की सहायता से परिसर से एक कंप्यूटर को जबरन अपने अधिकार में ले लिया।’’
ईडी ने कहा कि राज्य पुलिस ने बनर्जी के निर्देश पर परिसर में मौजूद मेसर्स पीएसी कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारियों के मोबाइल फोन जबरन ले लिए। जांच एजेंसी ने कहा कि उन्होंने उसके अधिकारी का लैपटॉप और एक मोबाइल फोन ले लिया और दो घंटे बाद लौटाया।
ईडी ने कहा, ‘‘लैपटॉप और मोबाइल फोन को ले जाना और दो घंटे तक अपने कब्जे में रखना चोरी के बराबर है।’’ संघीय जांच एजेंसी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने “पहले से चल रही कानूनी कार्यवाही की पूरी तरह अवहेलना करते हुए” अपनी जेड-प्लस सुरक्षा के साथ आईपैक के परिसर में प्रवेश किया।
पश्चिम बंगाल पुलिस ने ईडी अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की है। तृणमूल कांग्रेस ने ईडी के काम में बाधा डालने के आरोप का खंडन किया है और आरोप लगाया है कि पार्टी के चुनाव सलाहकार (आई-पैक) के खिलाफ ईडी की कार्रवाई चुनाव से जुड़ी गोपनीय रणनीतिक सामग्री तक पहुंच प्राप्त करने के उद्देश्य से की गई थी।
भाषा
संतोष अविनाश
अविनाश