द्रमुक ने रास में की टीएएनजीईडीसीओ के लिए पीएफसी और आरईसी की ऋण दरों में कटौती की मांग

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द्रमुक ने रास में की टीएएनजीईडीसीओ के लिए पीएफसी और आरईसी की ऋण दरों में कटौती की मांग

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  • Publish Date - February 6, 2026 / 01:03 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 01:03 PM IST

नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) राज्यसभा में द्रविड़ मुनेत्र कषगम के सदस्य आर. गिरिराजन ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन (टीएएनजीईडीसीओ) पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन (पीएफसी) और आरईसी लिमिटेड से लिए गए ऋणों की ब्याज दरों में कम से कम 1.5 प्रतिशत की कटौती करने का अनुरोध किया।

उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए गिरिराजन ने कहा कि टीएएनजीईडीसीओ 45,000 मेगावाट से अधिक की कुल स्थापित क्षमता वाले पावर प्रोजेक्ट संचालित करता है, और केंद्रीय संस्थाओं से लिए गए ऋणों पर प्रति वर्ष लगभग 7,000 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में चुकाता है। ‘‘ये ऋण 9.5 प्रतिशत से 12.65 प्रतिशत की ब्याज दर पर हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘टीएएनजीईडीसीओ देश की बेहतरीन डिस्कॉम में से एक है। तमिलनाडु में बिजली का एकमात्र वितरक होने के नाते यह सुनिश्चित करता है कि बिजली घरों, व्यवसायों और उद्योगों तक कुशलतापूर्वक पहुंचे।’’

गिरिराजन ने बताया कि तमिलनाडु सरकार ने पीएफसी और आरईसी से अनुरोध किया है कि टीएएनजीईडीसीओ के ऋणों की ब्याज दर आठ प्रतिशत कर दी जाए। उन्होंने कहा, ‘‘ब्याज दर में कटौती से वार्षिक ब्याज बोझ में महत्वपूर्ण कमी आ सकती है।’’

उन्होंने कहा कि टीएएनजीईडीसीओ अपनी ऋण संरचना को सुधारने और वित्तीय प्रदर्शन बेहतर बनाने पर काम कर रहा है। राज्य सरकार ने बिजली उपक्रम के लिए एक नई व्यापक ऋण पुनर्गठन योजना की भी मांग की है।

भाषा मनीषा माधव

माधव