नयी दिल्ली/चेन्नई, 19 अप्रैल (भाषा) दक्षिण भारत में स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से चिकित्सकों की अगुवाई वाला कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित एक मंच रविवार को चेन्नई में शुरू किया गया जिसकी मदद से अस्पताल के बाहर भी मरीजों के स्वास्थ्य पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सकेगी।
इस पहल का उद्देश्य दीर्घकालिक बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के स्वास्थ्य पर नजर रखना है ताकि उनकी स्थिति गंभीर होने से पहले ही कदम उठाए जा सके औैर हृदयाघात के खतरे को कम किया जा सके।
‘ई-लिव कनेक्ट’ एआई सक्षम ऐसा तंत्र है जिसके केंद्र में एक छोटा ‘वायरलेस बायोसेंसर पैच’ है जिसे कलाई पर पहने जाने वाले बैंड के साथ जोड़ा गया है। यह हृदय गतिविधि और रक्तचाप जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मापदंडों पर नजर रखता है।
इस प्रणाली के तहत अनुभवी चिकित्सक स्वास्थ्य मापदंडों पर चौबीसों घंटे एक दूरस्थ कमान केंद्र के जरिए नजर रख सकते हैं और यह केंद्र किसी भी प्रकार की असामान्य स्थिति का पता चलने पर मरीजों एवं उनके परिवारों को सतर्क करता है।
इस प्रणाली के उद्घाटन समारोह में करीब 40 चिकित्सकों ने भाग लिया।
‘आईलिव कनेक्ट’ के संस्थापक एवं सर्जन राहुल चंदोला ने बताया कि चेन्नई के बाद इस मंच को दक्षिण भारत के अन्य राज्यों में भी चरणबद्ध तरीके से जल्द उपलब्ध कराया जाएगा।
भाषा तान्या सिम्मी
सिम्मी