जितेंद्र सिंह ने आईएएस कैडर की मौजूदा संख्या की समीक्षा की

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जितेंद्र सिंह ने आईएएस कैडर की मौजूदा संख्या की समीक्षा की

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 08:37 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 08:37 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के कैडर की मौजूदा संख्या की समीक्षा की और राज्यों तथा केंद्र सरकार की बदलती मानव संसाधन आवश्यकताओं पर चर्चा की।

सिंह ने यहां कर्तव्य भवन में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की ई-सिविल सूची 2026 जारी करते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों और राज्यों में शासन संबंधी जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं, जिससे मानव संसाधनों की प्रभावी योजना और प्रबंधन पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि आवश्यकताओं का निरंतर आकलन और नियमित कैडर समीक्षा उभरती जरूरतों को पूरा करने और प्रशासनिक क्षमता को और मजबूत करने में सहायक होगी।

कार्मिक मंत्रालय के एक बयान के अनुसार सिंह ने डेटा-आधारित शासन के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा में कर्मचारियों की संख्या की समीक्षा की और राज्यों एवं केंद्र की बदलती मानव संसाधन आवश्यकताओं पर चर्चा की।

सिंह ने शासन ढांचे तैयार करते समय भारत की व्यापक भौगोलिक और विकासात्मक विविधता को पहचानने के महत्व पर भी बल दिया।

आज जारी की गई ई-सिविल लिस्ट में आईएएस अधिकारियों के बारे में पूरी जानकारी दी गई है, जिसमें उनका बैच, कैडर, मौजूदा तैनाती, वेतन स्तर, शैक्षणिक योग्यता और सेवानिवृत्ति की तारीख शामिल है।

इसमें कैडर के हिसाब से संख्या, अगले पांच सालों में सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों की संख्या और 1969 से सिविल सेवा परीक्षा के जरिए नियुक्त आईएएस अधिकारियों की संख्या के बारे में जानकारी भी दी गई है।

एक जनवरी 2026 तक, 7,026 की मंजूर कैडर संख्या के मुकाबले, 25 कैडर में कुल 5,755 आईएएस अधिकारी तैनात थे — यानी 1,271 पद खाली थे।

प्रशासन में प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए, मंत्री ने कहा कि ई-सिविल सूची जैसे डिजिटल मंच देश भर में प्रशासनिक योजना बनाने, प्रतिभा की पहचान करने और मानव संसाधनों को सही ढंग से तैनात करने के लिए महत्वपूर्ण साधन बन गए हैं।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों की योग्यता, अनुभव, कैडर और तैनाती के बारे में जानकारी आसानी से मिलने से सरकारों और संस्थानों को सही फ़ैसले लेने में मदद मिलती है और इससे प्रशासन का पूरा ढांचा मज़बूत होता है।

भाषा अमित माधव

माधव