डॉ. वंदना दास हत्याकांड : दोषी को उम्रकैद पर आईएमए निराश, अधिकतम सजा के लिए अपील की मांग

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डॉ. वंदना दास हत्याकांड : दोषी को उम्रकैद पर आईएमए निराश, अधिकतम सजा के लिए अपील की मांग

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  • Publish Date - March 21, 2026 / 10:04 PM IST,
    Updated On - March 21, 2026 / 10:04 PM IST

तिरुवनंतपुरम, 21 मार्च (भाषा) इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने डॉ. वंदना दास हत्याकांड में दोषी व्यक्ति को सुनाई गई उम्रकैद की सजा को “निराशाजनक” करार देते हुए केरल सरकार से अधिकतम सजा सुनिश्चित करने के लिए अपील दायर करने की मांग की है।

कोल्लम की एक अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत ने शनिवार को मई 2023 में ड्यूटी के दौरान तालुक अस्पताल में डॉ. वंदना दास की हत्या के मामले में जी. संदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई। अदालत ने विभिन्न धाराओं के तहत कुल 30 वर्ष की सजा भी सुनाई और निर्देश दिया कि दोषी पहले ये 30 वर्ष की सजा काटेगा, उसके बाद उम्रकैद शुरू होगी।

आईएमए की राज्य इकाई ने एक बयान जारी कर कहा कि यह फैसला चिकित्सा समुदाय के लिए एक झटका है और अस्पताल से जुड़े सुरक्षा कानूनों को और अधिक मजबूत करने की जरूरत है।

आईएमए की राज्य इकाई के अध्यक्ष डॉ. एम. एन. मेनन और सचिव डॉ. रॉय आर. चंद्रन ने अस्पतालों को “संरक्षित क्षेत्र” घोषित करने की मांग की, ताकि चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी बिना डर के मरीजों का इलाज कर सकें।

आईएमए ने कहा कि आरोपी को पुलिस मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाई थी, जहां उसने बिना किसी उकसावे के युवा चिकित्सक की बेरहमी से हत्या कर दी। संगठन ने कहा कि यदि दृष्टांतमूलक सजा दी जाती, तो स्वास्थ्य सेवाओं में बढ़ती हिंसा पर अंकुश लगाया जा सकता था।

वहीं, केरल सरकार चिकित्सा अधिकारी संघ (केजीएमओए) ने अदालत के फैसले का स्वागत किया, लेकिन स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के उपायों को अपर्याप्त बताया। संगठन ने कहा कि कुछ हद तक न्याय मिला है, लेकिन इस “दुर्लभतम अपराध” में अधिकतम सजा की अपेक्षा थी।

केजीएमओए ने केरल पुलिस और अभियोजन पक्ष की त्वरित व वैज्ञानिक जांच की सराहना की, जिससे दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी। हालांकि, संगठन ने अस्पतालों में सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन की कमी पर चिंता भी जताई।

संघ ने सुझाव दिया कि राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल (एसआईएसएफ) की तैनाती, बड़े अस्पतालों में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित करना और समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट कराना जरूरी है। साथ ही, अस्पतालों के आपातकालीन विभागों में भीड़भाड़ को स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा का एक कारण बताते हुए थमारास्सेरी तालुक अस्पताल में चिकित्सक पर हालिया हमले का भी जिक्र किया।

गौरतलब है कि आरोपी संदीप ने अस्पताल में पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों पर हमला किया था और बाद में सर्जिकल कैंची से डॉ. वंदना दास की हत्या कर दी थी, उसे इलाज के लिए अस्पताल लाया गया था।

भाषा रविकांत दिलीप

दिलीप