नयी दिल्ली, 11 जून (भाषा) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक कर्मचारी से ऑनलाइन निवेश के नाम पर कथित तौर पर 15 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि इस बाबत तीन व्यक्तियों – हरियाणा के निवासी संदीप सैन (30) और परीक्षित (23) तथा राजस्थान के सचिन झक्कर (25) को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि ठगी से हासिल पैसे को इधर-उधर करने में इन तीनों ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं।
डीसीपी के मुताबिक, नयी दिल्ली के रहने वाले पीड़ित ने एक फर्ज़ी ऑनलाइन निवेश योजना में ठगे जाने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ित ने बताया कि उनसे कुछ लोगों ने संपर्क किया था, जिन्होंने खुद को एक ‘वर्क-फ़्रॉम-होम’ कंपनी का प्रतिनिधि बताया। जालसाज़ों ने दावा किया कि कंपनी किराये वाली संपत्तियों को रेटिंग देने व पट्टे पर देने से संबंधित काम में शामिल है।
सिंह ने बताया, ‘पीड़ित को एक समूह में जोड़ा गया, उसे प्रशिक्षण दिया गया और कई वेबसाइटों पर पंजीकरण करने के लिए कहा गया। शुरुआत में, कार्य पूरे करने और पैसे जमा करने के बाद उसे थोड़ा लाभ मिला, जिससे ठगों को उसका विश्वास जीतने में मदद मिली।’
इसके बाद पीड़ित को कथित ‘चार्टर लीज़’, ‘बोनस कार्यों’ और अन्य निवेश योजना में बड़ी रकम निवेश करने के लिए राज़ी किया गया जिनमें पैसा लगाने पर मोटा मुनाफा मिलने का झांसा दिया गया।
डीसीपी ने बताया कि पीड़ित ने थोड़े-थोड़े करके पैसे स्थानांतरित किए और अंततः लगभग 15.74 लाख रुपये का निवेश कर दिया। जब उसने अपने ऑनलाइन खाते में दिखाई गई राशि निकालने का प्रयास किया, तो ठगों ने कथित तौर पर निकासी जुर्माने के रूप में अतिरिक्त भुगतान की मांग की।
अधिकारी ने कहा, ‘ना तो पैसे निकालने दिए गए और ना ही वापस किए गए।’
शिकायत मिलने के बाद एक ई-प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई। एक टीम ने तकनीकी निगरानी की, डिजिटल सबूतों का विश्लेषण किया और वित्तीय लेन-देन का पता लगाया जो कई राज्यों में हुआ।
जांच के दौरान, सात जून को करनाल से संदीप को और उसके बाद आठ जून को दिल्ली के पीतमपुरा से सचिन को गिरफ़्तार किया गया।
परीक्षित पहले की छापेमारी के दौरान पुलिस टीमों से बच निकला था लेकिन उसे नौ जून को हरियाणा के हिसार से पकड़ लिया गया। इस मामले में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए आगे की जांच जारी है।
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