नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने महाराष्ट्र के सातारा जिले में अवैध रूप से मनोविकार संबंधी दवा बनाने वाली एक इकाई का भंडाफोड़ किया है। वित्त मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने बताया कि इस इकाई में ‘अल्प्राजोलम’ और ‘डायजेपम’ जैसी दवाओं का निर्माण किया जा रहा था।
इस कार्रवाई के दौरान डीआरआई ने मौके से ही दवा निर्माता को भी गिरफ्तार कर लिया।
मंत्रालय के अनुसार, परिसर की तलाशी में लगभग एक किलोग्राम तैयार ‘अल्प्राजोलम’, 15 किलोग्राम से अधिक अर्धनिर्मित ‘अल्प्राजोलम’ और करीब 3.75 किलोग्राम ‘डायजेपम’ बरामद किया गया। इसके अलावा, अधिकारियों ने अवैध निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और रासायनिक मिश्रण का लगभग 400 लीटर घोल भी जब्त किया है।
बयान में कहा गया कि संबंधित पदार्थों को स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त किया गया।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आरोपी पहले भी इस तरह के उत्पादन और तस्करी में संलिप्त रहे हैं।
इसके अलावा, डीआरआई अधिकारियों ने पुणे से इन पदार्थों के एक संभावित खरीदार को भी गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान ऐसे ठोस सबूत मिले हैं, जो इन पदार्थों की तस्करी के लिए अवैध लेन-देन की योजना का भी पर्दाफाश करते हैं।
‘अल्प्राजोलम’ और ‘डायजेपाम’ चिकित्सक की लिखित सलाह पर मिलने वाली दवाएं हैं। इनका उपयोग चिकित्सकीय देखरेख में मुख्य रूप से चिंता, तेज घबराहट या डर की स्थिति, अनिद्रा, दौरे और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी कुछ अन्य समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता है।
भाषा प्रचेता नेत्रपाल
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