एलएसआर की छात्रा की खुदकुशी के बाद डीयू के कॉलेजों ने विद्यार्थियों की मदद के लिए उठाए कदम

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एलएसआर की छात्रा की खुदकुशी के बाद डीयू के कॉलेजों ने विद्यार्थियों की मदद के लिए उठाए कदम

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  • Publish Date - November 22, 2020 / 08:55 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:09 PM IST

(गुंजन शर्मा)

नयी दिल्ली, 22 नवंबर (भाषा) आर्थिक तंगी के कारण दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की एक छात्रा के खुदकुशी करने के बाद, कॉलेजों ने कोविड-19 महामारी के दौरान ऐसे विद्यार्थियों की मदद करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें विद्यार्थियों की मानसिक सेहत के लिए उनसे संवाद करना, जरूरतमंद विद्यार्थियों को इंटरनेट डेटा कार्ड से लेकर लेपटॉप मुहैया कराना शामिल है।

लेडी श्रीराम (एलएसआर) कॉलेज की एक छात्रा ने अपनी पढ़ाई को जारी रखने में आ रही आर्थिक परेशानियों के कारण कथित रूप से खुदकुशी कर ली थी।

एलएसआर कॉलेज की प्रधानाचार्य सुमन शर्मा के मुताबिक, कॉलेज प्रशासन ने कुछ पाठ्यक्रमों की फीस कम करने, लेपटॉप मुहैया करने के लिए एक समिति गठित करने और द्वितीय वर्ष की कुछ छात्राओं को छात्रावास में रहने की इजाजत देने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि देखा गया है कि परिसर में नहीं होने की वजह से विद्यार्थी कुछ सुविधाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं, लिहाजा कॉलेज ने इस साल की फीस में इस तरह के कुछ शुल्कों को हटा दिया है। इससे फीस में कमी आई है। साथ ही, फीस को किस्तों में भी देने का विकल्प दिया गया है।

मिरांडा हाउस कॉलेज की प्राचार्य बिजयलक्ष्मी नंदा ने कहा कि कॉलेज उन छात्राओं को इंटरनेट डेटा का रिचार्ज कराने पर काम कर रहा है, जिनका बोझ महामारी के दौरान ऑनलाइन कक्षाओं की वजह से बढ़ गया है।

नंदा ने कहा, ‘ हमें इस बात का एहसास लॉकडाउन के पहले महीने में ही हो गया था कि सिर्फ ऑनलाइन कक्षाएं ही पर्याप्त नहीं हैं और मानसिक स्वास्थ्य के लिए समान ध्यान देना चाहिए। हमने कुछ कदम उठाए थे लेकिन अब प्रयासों को बढ़ाएंगे और (छात्राओं से) एक एक करके बात करेंगे। ‘

उन्होंने कहा, ‘ हम फीस माफी ही नहीं बल्कि इंटरनेट डेटा कार्ड रिचार्ज कराकर भी छात्राओं को आर्थिक मदद करने की पेशकश के विकल्प पर काम कर रहे हैं ताकि ऑनलाइन कक्षाओं में उनकी मदद हो सके। ‘

सेंट स्टीफंस कॉलेज के स्टाफ एसोसिएशन ने कॉलेज के प्रधानाचार्य से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे विद्यार्थियों से संपर्क करने के लिए समिति गठित करने की मांग की है।

नंदा ने कहा, ‘जैसा कि हम सब वाकिफ हैं, महामारी ने समाज पर बड़ी परेशानी डाली है। लोगों की आर्थिक परेशानी बढ़ी है और हमारे कुछ छात्र ऑनलाइन कक्षाओं और फीस का भुगतान करने में वास्तविक परेशानी का सामना कर रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘ हमारे संकाय के कुछ सदस्यों को फीस का भुगतान करने और ऑनलाइन कक्षाएं लेने के लिए उपकरण (मोबाइल या लेपटॉप आदि) को प्राप्त करने में विद्यार्थियों की ओर से मदद के आग्रह मिले हैं। हमें आशंका है कि ऐसे कई और विद्यार्थी हो सकते हैं, जिन्होंने हमसे संपर्क नहीं किया है। ‘

श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की प्रधानाचार्य सिमरित कौर ने बताया कि कॉलेज को लॉकडाउन के बाद से ही विद्यार्थियों की ओर से छात्रवृत्ति और लेपटॉप के लिए आग्रह मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कुछ विद्यार्थी हैं जिनके पास खुद के उपकरण हैं लेकिन ऐसे भी विद्यार्थी हैं जिन्हें लेपटॉप की जरूरत है। हमने प्रत्येक छात्र को उस तरह की मदद देने की कोशिश की है जिस तरह की मदद की उन्हें जरूरत थी। ‘

दिल्ली विश्वविद्यालय मार्च से ही बंद है और कक्षाएं ऑनलाइन चल रही हैं।

भाषा

नोमान नरेश

नरेश