नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इस आरोप का खंडन किया है कि विश्वविद्यालय छात्रों को साक्षात्कार के आधार पर खारिज कर देता है।
विश्वविद्यालय ने शुक्रवार देर रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रों को मुख्य रूप से सीयूईटी स्कोर के आधार पर दाखिला देता है, और अधिकतर स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए मानक प्रवेश प्रक्रिया में साक्षात्कार अनिवार्य नहीं है।”
डीयू ने कहा, “यदि नेता प्रतिपक्ष भर्ती (जैसे शिक्षक पद) का संदर्भ दे रहे थे, तो विश्वविद्यालय ने हाल के वर्षों में सभी श्रेणियों में हजारों शिक्षकों की भर्ती की है। हम ऐसी टिप्पणियों का कड़ा विरोध करते हैं, क्योंकि इनसे विश्वविद्यालय में असहज माहौल उत्पन्न होता है। नेता प्रतिपक्ष को यह बयान देने से पहले तथ्यों पर गौर करने की जरूरत थी।”
गांधी ने दावा किया था कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रों को जाति के आधार पर बाहर कर देता है।
नेता प्रतिपक्ष ने शुक्रवार को लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक कांशी राम की जयंती समारोह के दौरान कहा, “मैं दिल्ली विश्वविद्यालय गया था। साक्षात्कार छात्रों को निकालने का एक तरीका है। वे पूछते हैं कि आपकी जाति क्या है और फिर आप साक्षात्कार में फेल कर दिए जाते हैं।”
कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए कहा, “आरएसएस की सूची निकालिए। उनके प्रचारकों और वरिष्ठ नेताओं में आपको एक भी ओबीसी, एक भी दलित, एक भी आदिवासी नहीं मिलेगा। यह पूरी तरह संविधान के खिलाफ है।”
भाषा जोहेब माधव
माधव