नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की कार्यकारी परिषद ने बुधवार को बैठक में सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा संकाय भर्ती के मानदंडों के कथित उल्लंघन का संज्ञान लिया और मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
परिषद ने कई सिफारिशों को भी मंजूरी दी, जिनमें 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए कॉलेजों में बीए कार्यक्रम के संयोजनों का पुनर्गठन और स्वयम (स्टडी वेब्स ऑफ एक्टिव लर्निंग फॉर यंग एस्पायरिंग माइंड्स) तथा एमओओसी (मैसिव ओपन ऑनलाइन कोर्सेज) पाठ्यक्रमों की शुरुआत शामिल है।
अधिकारियों ने कहा, ‘‘कार्यकारी परिषद ने विभिन्न विषयों में सहायक प्रोफेसरों की सीधी भर्ती के दौरान सेंट स्टीफंस कॉलेज द्वारा चयन मानदंडों के उल्लंघन का गंभीर संज्ञान लिया है।’’
उन्होंने कहा कि कार्यकारी परिषद ने कॉलेज को अनुशंसित उम्मीदवारों को नियुक्ति आदेश जारी करने से रोकने और इस संबंध में एक परामर्श जारी करने का निर्णय लिया है, क्योंकि कॉलेज द्वारा अपनाए गए चयन मानदंड विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप नहीं हैं और त्रुटिपूर्ण हैं। इसी कारण से इस मामले पर गौर करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है।
डीयू ने किसी विदेशी उच्च शिक्षा संस्थान के सहयोग से ‘सेमेस्टर अवे प्रोग्राम’’ (एसएपी) शुरू करने के प्रस्ताव पर गौर करने के लिए भी एक समिति का गठन किया है। डीयू ने एक बयान में कहा, ‘‘दिल्ली विश्वविद्यालय के डीन प्रोफेसर बलराम पाणि की अध्यक्षता वाली यह समिति इस संबंध में संबंधित हितधारकों से परामर्श करने के बाद अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।’’
एसएपी के तहत, विश्वविद्यालय में नामांकित छात्र अपने शैक्षणिक कार्यक्रम का एक सेमेस्टर किसी विदेशी उच्च शिक्षा संस्थान में पूरा कर सकते हैं।
भाषा आशीष माधव
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