नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) दिल्ली के द्वारका में एक सड़क दुर्घटना में अपने 23 साल के इकलौते बेटे को खोने वाली मां ने नम आंखों और रुंधे गले से कहा कि ‘रील’ बनाने और सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि पाने के लिए किए गए स्टंट ने न केवल उनके बेटे की जान ली, बल्कि उसे लेकर उन्होंने जो सपने देखे थे, उन्हें भी चकनाचूर कर दिया।
द्वारका में रहकर अकेले अपने बच्चे को पालने वाली इन्ना माकन अपने बेटे के कमरे में उसकी तस्वीरों और पदकों को लिये हुए खड़ी थीं।
अपने बेटे के कमरे में उसकी तस्वीरों और पदकों के बीच खड़ी, इन्ना मकान ने दीवार पर लिखे प्रेरणादायक उद्धरणों की ओर इशारा किया— ‘जुनून हमेशा प्रतिभा को हरा देगा’ और ‘सपनों का अनुशासन।’
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ सेवा को बताया, “मेरा बेटा कड़ी मेहनत में विश्वास करता था, शॉर्टकट में नहीं।”
उन्होंने कहा कि ‘रील’ बनाने के किसी के जुनून ने उनकी जिंदगी और उनके बच्चे के लिए बुने गए उनके सभी सपनों को चकनाचूर कर दिया।
बीबीए अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा साहिल तीन फरवरी को ऑफिस जा रहा था कि तभी सामने से आ रही एक ‘एसयूवी’ (स्कॉर्पियो एन) ने उसकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
एसयूवी को कथित तौर पर 17 वर्षीय एक लड़का चला रहा था और उसकी बहन उसके बगल में बैठी थी।
एसयूवी बाद में वहां खड़ी एक टैक्सी से भी टकरा गई, जिससे उसके चालक को चोटें आईं।
इन्ना माकन ने बताया, “मेरे बेटे का ऑफिस दुर्घटनास्थल से सिर्फ दो मिनट की दूरी पर था।”
उन्होंने बताया कि वह कुछ ही महीनों में विदेश जाने वाला था। उन्होंने बताया कि साहिल नैनीताल के सेंट जोसेफ कॉलेज का छात्र था और उसके बड़े सपने थे।
उन्होंने दबी आवाज में कहा, “मेरा बेटा बहुत मेहनती था और विदेश में काम करना चाहता था। वह नैनीताल के एक निजी कॉलेज में पढ़ता था। वह कई खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुका था। उस मजे के लिए रील बनाने के जुनून ने मेरे बच्चे की जान ले ली। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।”
दुर्घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें एसयूवी को मोड़ लेते हुए और फिर बिना डिवाइडर वाली सीधी सड़क पर तेजी से जाते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो के लगभग 12 सेकंड बाद कार की साहिल की मोटरसाइकिल से आमने-सामने टक्कर हो जाती है।
पुलिस ने बताया कि द्वारका साउथ थाने में भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 281 (तेज गति से वाहन चलाना), 106(1) (लापरवाही से मृत्यु का कारण बनना) और 125(ए) (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
यह दुर्घटना तीन फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजकर 57 मिनट पर लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुई। एसयूवी चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी लड़के को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया और 10 फरवरी को अंतरिम जमानत दे दी गई।
आरोपी लड़का 10वीं कक्षा का छात्र है और परीक्षा दे रहा है।
साहिल की मां ने दावा किया कि उन्होंने सुना है कि आरोपी लड़के के पिता ट्रांसपोर्टर हैं और ‘एसयूवी’ पर यातायात नियमों के कई चालान हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, “एसयूवी के दिल्ली में 13 चालान और उत्तर प्रदेश में कुछ चालान काटे गये हैं।”
इन्ना माकन ने यह भी कहा कि वह अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई लड़ेंगी।
उन्होंने कहा, “मैं इस तरह के कानून को स्वीकार नहीं करूंगी। कानून व्यवस्था जनता के लिए है।”
साहिल की मां ने कहा, “इसे दुर्घटना नहीं कहा जा सकता। यह आपराधिक कृत्य है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी रील के लिए तेज गति से गाड़ी चला रहा था।
उन्होंने कहा, “मेरा बेटा विदेश में अपना भविष्य बनाना चाहता था। वह अनुशासित था। मैं पीछे नहीं हटूंगी।”
पुलिस उपायुक्त (द्वारका) अंकित सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया।
बोर्ड ने उसी दिन उसे सुधार गृह भेजने का आदेश दिया।
अधिकारी ने बताया, “हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या दुर्घटना के समय लड़का या उसकी बहन रील बना रहे थे।”
भाषा जितेंद्र दिलीप
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