शिमला, 17 फरवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने अधिकारियों की ओर से निर्वाचित प्रतिनिधियों के फोन कॉल को लगातार नजरअंदाज किए जाने का मंगलवार को संज्ञान लिया।
पठानिया ने अधिकारियों के इस रवैये को मनमाना और गंभीर करार दिया। उन्होंने विधायकों से ऐसे अधिकारियों के नाम सौंपने को कहा, ताकि विधानसभा नियमों के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा सके।
गगरेट से कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया।
कालिया ने कहा कि कुछ अधिकारी न तो विधायकों की ओर से सार्वजनिक कार्यों के बारे में पूछताछ के लिए किए गए फोन कॉल का जवाब देते हैं और न ही उन्हें वापस फोन करते हैं।
उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने समान रूप से अधिकारियों की मनमानी और फोन कॉल का जवाब न देने का मुद्दा उठाया है।
कालिया ने सरकार से अनुरोध किया कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के फोन कॉल का जवाब न देने वाले अधिकारियों को टेलीफोन भत्ते का भुगतान बंद किया जाए।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने इस रवैये के खिलाफ तुरंत कार्रवाई नहीं, तो ऐसे अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों ने कालिया का समर्थन करते हुए मेज थपथपाई।
विधानसभा अध्यक्ष ने इस मुद्दे को “बेहद गंभीर” और तत्काल ध्यान देने योग्य बताया। उन्होंने कालिया को ऐसे अधिकारियों के नाम विधानसभा सचिवालय को सौंपने का निर्देश दिया, ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
भाषा पारुल रंजन
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