Ebola Virus Advisory in India: इबोला वायरस को लेकर भारत सरकार ने जारी किया अलर्ट, कहा- सतर्क रहें…तेजी से फैलता है वायरस

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Ebola Virus Advisory in India: इबोला वायरस को लेकर भारत सरकार ने जारी किया अलर्ट, कहा- सतर्क रहें...तेजी से फैलता है वायरस

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  • Publish Date - May 24, 2026 / 01:49 PM IST,
    Updated On - May 24, 2026 / 01:49 PM IST

Ebola Virus Advisory in India: इबोला वायरस को लेकर भारत सरकार ने जारी किया अलर्ट, कहा- सतर्क रहें...तेजी से फैलता है वायरस / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह
  • इबोला प्रकोप को ‘महाद्वीपीय सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित
  • भारत में अभी तक बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से इबोला संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया

नई दिल्ली: Ebola Virus Advisory in India कोरोना की तरह एक बार फिर दुनिया के कई देशों में इबोला वायरस को लेकर संकट मंडराने लगा है। बताया जा रहा है कि अभी कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान सहित कुछ अन्य देशों में इसके संक्रमित मरीज पाए गए हैं। हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने रविवार को अपने नागरिकों को सलाह दी है कि जो लोग वर्तमान में कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान में रह रहे हैं या वहां यात्रा पर जा रहे हैं, वे वहां की स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा जारी की गई सलाह का सख्ती से पालन करें।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट

Ebola Virus Advisory in India स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक एडवायजरी जारी करते हुए कहा कि डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो और अन्य प्रभावित देशों में बदलती स्थिति को देखते हुए और डब्ल्यूएचओ की सिफारिशों के अनुसार, भारत सरकार सभी भारतीय नागरिकों को सलाह देती है कि वे अगली सूचना तक डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें।

भारत में अभी संक्रमण की पुष्टि नहीं

मंत्रालय ने बताया कि भारत में बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के कारण होने वाली इबोला बीमारी का कोई भी मामला सामने नहीं आया है।अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) ने आधिकारिक तौर पर बुंडिबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस बीमारी के मौजूदा प्रकोप को ‘महाद्वीपीय सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल’ घोषित कर दिया है।

डब्ल्यूएचओ भी अलर्ट में

इसके अलावा, डब्ल्यूएचओ आईएचआर आपातकालीन समिति ने 22 मई को प्रवेश बिंदुओं पर रोग निगरानी को मजबूत करने के लिए अस्थायी सिफारिशें जारी कीं ताकि बुंडीबुग्यो वायरस का पता चलने वाले क्षेत्रों से आने वाले अस्पष्टीकृत बुखार वाले यात्रियों का पता लगाया जा सके, उनका आकलन किया जा सके, रिपोर्ट किया जा सके और उनका प्रबंधन किया जा सके और साथ ही बुंडीबुग्यो वायरस का पता चलने वाले क्षेत्रों की यात्रा को हतोत्साहित किया जा सके।

इन देशों में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा

  • डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो और युगांडा की सीमा से लगे देश, जिनमें दक्षिण सूडान भी शामिल है, बीमारी फैलने के उच्च जोखिम पर माने जा रहे हैं।
  • इबोला रोग एक वायरल हेमोरेजिक बुखार है, जो इबोला वायरस के ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन के संक्रमण के कारण होता है। यह एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मृत्यु दर काफी अधिक होती है।
  • वर्तमान में बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के कारण होने वाले इबोला रोग की रोकथाम या उपचार के लिए किसी भी टीके या विशिष्ट उपचार को मंजूरी नहीं दी गई है।

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इबोला वायरस को लेकर भारत सरकार ने क्या एडवायजरी जारी की है?

भारत सरकार ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे अगली सूचना तक डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा और दक्षिण सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।

किन देशों में इबोला संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा बताया गया है?

डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो, युगांडा, दक्षिण सूडान और इन देशों की सीमाओं से जुड़े क्षेत्रों में संक्रमण फैलने का जोखिम सबसे अधिक माना जा रहा है।

क्या भारत में इबोला वायरस का कोई मामला सामने आया है?

नहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के कारण होने वाले इबोला रोग का अभी तक कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है।

बुंडिबुग्यो स्ट्रेन क्या है?

बुंडिबुग्यो स्ट्रेन इबोला वायरस का एक प्रकार है, जो गंभीर वायरल हेमोरेजिक बुखार का कारण बनता है। यह संक्रमण तेजी से फैल सकता है और इसकी मृत्यु दर भी काफी अधिक मानी जाती है।

क्या बुंडिबुग्यो स्ट्रेन के लिए कोई वैक्सीन या इलाज उपलब्ध है?

वर्तमान में बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से होने वाले इबोला रोग की रोकथाम या उपचार के लिए किसी भी वैक्सीन या विशेष उपचार को मंजूरी नहीं मिली है।