निर्वाचन आयोग आगामी दिनों में शुरू करेगा एसआईआर का तीसरा चरण

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निर्वाचन आयोग आगामी दिनों में शुरू करेगा एसआईआर का तीसरा चरण

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  • Publish Date - May 11, 2026 / 08:41 PM IST,
    Updated On - May 11, 2026 / 08:41 PM IST

नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) निर्वाचन आयोग आगामी दिनों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तीसरे चरण को शुरू करने जा रहा है। इसके तहत शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जा सकता है, जिनमें लगभग 40 करोड़ मतदाता शामिल हैं। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।

पिछले महीने केरल, असम, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों के कारण आयोग ने इसे लागू करने में देरी की।

अधिकारियों ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ‘‘आगामी दिनों’’ में एसआईआर को लागू किया जा सकता है।

अब तक 10 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया हो चुकी है। ये राज्य हैं उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, गुजरात, मध्यप्रदेश, गोवा और बिहार।

असम में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण किया गया।

लगभग 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ का नाम मतदाता सूची की पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत शामिल किया जा चुका है।

शेष करीब 40 करोड़ मतदाताओं को प्रस्तावित प्रक्रिया के तहत 17 राज्यों और पांच केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल किया जाएगा।

आयोग ने 19 फरवरी को दिल्ली सहित 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एसआईआर से संबंधित तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने को कहा था, क्योंकि यह प्रक्रिया ‘‘अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद थी।’’

एक बार यह प्रक्रिया पूरी हो जाने पर, सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इसके दायरे में आ जाएंगे।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, लद्दाख, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, दिल्ली, ओडिशा, पंजाब, सिक्किम, त्रिपुरा, तेलंगाना और उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को लिखे पत्र में, आयोग ने कहा कि मतदाताओं की सूची का अखिल भारतीय स्तर पर एसआईआर करने का आदेश पिछले साल जून में दिया गया था।

कई कारणों से, एसआईआर के कार्यक्रम में अक्सर बदलाव होते रहे हैं। उदाहरण के लिए, बिहार में राजनीतिक दलों ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में एसआईआर को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था।

हाल में, तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने राज्य में मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ प्रधान न्यायाधीश की पीठ के समक्ष व्यक्तिगत रूप से दलीलें रखी थीं।

बिहार में एसआईआर की तैयारी के दौरान, निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने दावा किया था कि कर्मियों ने बांग्लादेश, नेपाल और म्यांमा के कई नागरिकों की पहचान की है।

लेकिन अंततः, आयोग ने ऐसे लोगों की कोई संख्या या सबूत साझा नहीं किया जो मतदाता सूची में शामिल होने के योग्य नहीं थे।

जब आयोग ने 27 अक्टूबर को मतदाता सूची के एसआईआर के दूसरे चरण की घोषणा की, तब 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं की संख्या 50.99 करोड़ से अधिक थी।

इस प्रक्रिया के बाद, मतदाता सूची में 45.81 करोड़ नाम हैं यानी 5.18 करोड़ से अधिक की कमी आई है। प्रतिशत के हिसाब से, मतदाता सूचियों में 10.2 प्रतिशत की कमी हुई है।

एसआईआर का दूसरा चरण अब पूरा हो चुका है और 10 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची अलग-अलग तारीखों पर प्रकाशित की गई है।

भाषा आशीष माधव

माधव