ईडी ने 25,000 करोड़ रुपए की बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में कंपनी प्रवर्तक को गिरफ्तार किया

ईडी ने 25,000 करोड़ रुपए की बैंक ऋण धोखाधड़ी के मामले में कंपनी प्रवर्तक को गिरफ्तार किया

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  • Publish Date - July 11, 2024 / 08:04 PM IST,
    Updated On - July 11, 2024 / 08:04 PM IST

नयी दिल्ली, 11 जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 25,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले से जुड़ी धनशोधन जांच के तहत एक दिवालिया ऑटोमोटिव उपकरण विनिर्माण कंपनी के निदेशक को गिरफ्तार किया है। निदेशालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

निदेशालय ने एक बयान में बताया कि ‘एमटेक’ समूह के निदेशकों में शामिल और कंपनी के प्रवर्तक अरविंद धाम को मंगलवार (नौ जुलाई) को हिरासत में लिया गया।

धाम को दिल्ली में एक विशेष धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत के समक्ष बुधवार को पेश किया गया जिसने उसे सात दिन के लिए प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया।

ईडी ने कहा कि कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ धनशोधन का मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की उस प्राथमिकी से सामने आया है जो आईडीबीआई बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की लिखित शिकायतों के आधार पर दर्ज की गई थी।

एजेंसी ने बताया कि यह आरोप लगाया गया था कि धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात करके ऋणों का इस्तेमाल कहीं और किया गया, जिससे बैंकों को गलत तरीके से 673.35 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

उच्चतम न्यायालय ने फरवरी में एमटेक ऑटो समूह की कंपनियों के खिलाफ एक जनहित याचिका पर फैसला सुनाते हुए प्रवर्तन निदेशालय को मामले की जांच करने का निर्देश दिया था।

एजेंसी ने पिछले महीने दिल्ली-एनसीआर, मुंबई और नागपुर में धाम, कंपनी के एक अन्य निदेशक गौतम मल्होत्रा ​​और अन्य के परिसरों पर छापे मारे थे।

निदेशालय ने कहा कि एमटेक समूह ने 15 से अधिक बैंकों से लिए गए 25,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण का भुगतान नहीं किया है।

भाषा सिम्मी देवेंद्र

देवेंद्र