चंडीगढ़, 17 जनवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा और कांग्रेस पर पार्टी नेता आतिशी के कथित तौर पर छेड़छाड़ किए गए वीडियो के संबंध में शनिवार को फॉरेंसिक रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
‘आप’ की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस नहीं बल्कि न्यायिक आदेश को चुनौती है, क्योंकि रिपोर्ट पहले ही अदालत द्वारा रिकॉर्ड में दर्ज की जा चुकी है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट की जांच के बाद अदालत ने स्पष्ट रूप से दर्ज किया है कि वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी और कथित अपमानजनक शब्द मूल ऑडियो में मौजूद नहीं था।
अरोड़ा ने कहा कि अदालत ने वीडियो को सोशल मीडिया मंच से हटाने का भी आदेश दिया था। उन्होंने कहा, ‘‘अदालत के समक्ष प्रस्तुत फॉरेंसिक निष्कर्षों पर सवाल उठाना अदालत के निष्कर्ष पर सवाल उठाने के बराबर है, न कि किसी राजनीतिक दल पर।’’
‘आप’ नेता लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि झूठे दावे दोहराने से तथ्य नहीं बदल सकते। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साक्ष्यों पर आधारित न्यायिक फैसला रिकॉर्ड में दर्ज है।
कांग्रेस नेता परगट सिंह की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए भुल्लर ने कहा कि मनगढ़ंत सामग्री पर आधारित मुद्दे में धार्मिक भावनाओं को घसीटना गैरजिम्मेदाराना है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक फायदे के लिए छेड़छाड़ किया गया वीडियो प्रसारित करने से सिख भावनाओं को ठेस पहुंचती है।
आम आदमी पार्टी ने परगट सिंह और भाजपा नेता सुनील जाखड़ से आग्रह किया कि वे न्यायिक संस्थानों का सम्मान करें और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद अदालती फैसलों को स्वीकार करें।
छह जनवरी को उस समय विवाद खड़ा हो गया था जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली विधानसभा में आतिशी पर सिख गुरुओं का अपमान करने का आरोप लगाया था।
भाजपा ने कहा कि यह कथित टिप्पणी पिछले साल गुरु तेग बहादुर की शहादत के 350 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित सरकार के कार्यक्रम पर हुई चर्चा के बाद की गई थी।
भाषा
देवेंद्र नेत्रपाल
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