नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को बताया कि उसने घर खरीदने वालों के साथ कथित धोखाधड़ी से जुड़ी धन शोधन जांच के सिलसिले में, रियल-एस्टेट कंपनी रहेजा डवलपर्स के प्रवर्तकों और उससे जुड़ी इकाइयों की 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति कुर्क कर ली है।
इस केंद्रीय एजेंसी ने 25 अप्रैल को इस मामले के सिलसिले में तलाशी अभियान चलाया था, जिसमें 15.82 करोड़ रुपये का सोना-चांदी और 15 लाख रुपये मूल्य की विदेशी मुद्रा जब्त की गई थी।
ईडी ने एक बयान में कहा कि उसने धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक अस्थायी कुर्की आदेश जारी किया है, जिसके तहत एन ए बिल्डवेल और रियासत पैलेसिस की अचल संपत्तियां कुर्क की गई हैं। ये दोनों संस्थाएं रहेजा डवलपर्स से जुड़ी हुई हैं।
एजेंसी ने बताया कि रहेजा डवलपर्स के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) नवीन एम रहेजा और उनके परिवार के सदस्यों की अचल संपत्तियां भी कुर्क की गई हैं, और इन संपत्तियों का मौजूदा अनुमानित बाजार मूल्य 1,113.81 करोड़ रुपये है।
पिछले हफ्ते हुई तलाशी के बाद जारी एक बयान में, कंपनी ने किसी भी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी से इनकार किया था।
रहेजा डवलपर्स ने कहा, ‘‘कंपनी ने ग्राहकों से मिली रकम से कहीं ज़्यादा निवेश किया है, जिसकी पुष्टि रेरा की निगरानी में हुए एक फोरेंसिक ऑडिट से भी हुई है, और किसी भी फंड का गलत इस्तेमाल या हेरफेर नहीं किया गया है।’’
एजेंसी ने जून 2025 में भी कंपनी, उसके प्रवर्तकों और कुछ अन्य लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।
धनशोधन का यह मामला आर्थिक अपराध शाखा द्वारा कंपनी और नवीन एम रहेजा के खिलाफ घर खरीदने वालों के साथ धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज की गई कई प्राथमिकियों से जुड़ा है।
एजेंसी ने बताया कि रहेजा डवलपर्स ने विभिन्न आवासीय रियल-एस्टेट परियोजनाओं के लिए 4,600 घर खरीदने वालों से 2,425.99 करोड़ रुपये की रकम जुटाई थी।
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