कोलकाता/नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि धन के कथित गबन से जुड़े एक मामले में तलाशी अभियान के बाद धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत तृणमूल कांग्रेस की 440 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि के लेन-देन पर रोक लगा दी है।
इस मामले पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
ईडी ने एक बयान में कहा कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17(1-ए) के तहत आदेश जारी किए गए हैं। इस धारा के तहत ईडी के अधिकारी को यह अधिकार है कि यदि किसी संपत्ति (जैसे बैंक जमा) को जब्त करना व्यावहारिक रूप से संभव न हो और उसके अंतरण या अन्य किसी प्रकार के लेन-देन को रोकना आवश्यक हो, तो वह उस संपत्ति के लेन-देन पर रोक लगा सकता है।
ऐसे आदेश की पुष्टि पीएमएलए के तहत निर्णय लेने वाले प्राधिकरण द्वारा एक निश्चित समय-सीमा के भीतर की जानी होती है।
ईडी ने बताया कि 440.42 करोड़ रुपये की यह राशि तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों में जमा है।
संबंधित घटनाक्रम में जिस निजी बैंक में तृणमूल कांग्रेस के ये खाते हैं, उसने कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश पर अदालत में एक रिपोर्ट दाखिल की। इस रिपोर्ट में इन खातों में जमा कुल राशि का विवरण प्रस्तुत किया गया। अदालत ने इस रिपोर्ट पर गौर नहीं किया और मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार तक स्थगित कर दी।
ईडी ने मंगलवार को कोलकाता में पांच ठिकानों पर छापेमारी की। इनमें केयरवेल ग्रुप ऑफ कंपनीज के परिसर भी शामिल थे। यह समूह केयरवेल एविएशन नाम से निजी विमान किराये पर उपलब्ध कराने वाली कंपनी का भी संचालन करता है।
कोलकाता से संचालित इस उड्डयन कंपनी से संपर्क किया गया लेकिन खबर लिखे जाने तक उसकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ईडी की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच टीएमसी के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को अंतरित किए गए।
आरोप है कि इस कंपनी ने 2023 से 2026 के बीच 82.96 करोड़ रुपये एक नवगठित कंपनी को भी अंतरित किए। जांच में पाया गया कि इस नयी कंपनी के खातों में बड़ी मात्रा में धनराशि भेजी गई थी।
ईडी ने कहा कि इस राशि में से 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एम्ब्रेयर लेगेसी 600 बिजनेस जेट और एक अगस्तावेस्टलैंड 109एसपी हेलीकॉप्टर खरीदने में किया गया।
ईडी ने आरोप लगाया कि ये दोनों विमान टीएमसी को किराये पर दिए गए, जबकि इन्हें खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई राशि कथित तौर पर पार्टी के ही कोष से आई थी। ईडी के अनुसार, इसके बाद विमान के इस्तेमाल के नाम पर बड़ी मात्रा में धनराशि का अंतरण किया गया।
भाषा आशीष माधव
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